Signs of Healthy Relationship : किसी रिश्ते में होना काफी नहीं होता, बल्कि एक अच्छा रिश्ता बनाना जरूरी होता है। एक स्वस्थ रिश्ता केवल प्यार और स्नेह तक सीमित न होकर उन छोटी-छोटी चीजों पर निर्भर करता है जो आपकी साझेदारी को मजबूत और टिकाऊ बनाती हैं।
Relationship Tips: छह गुण जो साबित करते हैं कि आपका रिश्ता है सबसे बेस्ट
अक्सर कुछ सुनहरे संकेत होते हैं जो बताते हैं कि आप एक स्वस्थ रिश्ते में हैं। यहां 10 संकेत दिए गए हैं जो साबित करते हैं कि आपका रिश्ता मजबूत और स्वस्थ है।
सम्मान
स्वस्थ रिश्ते में लोग अपने साथी की परवाह करते हैं और एक दूसरे का सम्मान करते हैं। कपल एक दूसरे को उसी रूप में महत्व देते हैं जैसा वह खुद के लिए चाहते हैं।
- आपके रिश्ते में कितना सम्मान है, ये जानने के लिए खुद से सवाल करें,
- क्या मैं और मेरा साथी एक-दूसरे का सम्मान उसी रूप में करते हैं, जैसे हम हैं या उस रूप में जैसा हम एक दूसरे को देखना चाहते हैं?
- क्या हम एक-दूसरे की सीमाओं का सम्मान करते हैं और उन्हें बनाए रखते हैं?
- क्या हम लड़ाई-झगड़े के समय भी एक-दूसरे के प्रति सम्मान दिखाते हैं?
अगर आपको लगता है कि आपके रिश्ते में सम्मान की कमी है, तो हो सकता है कि यह उतना स्वस्थ न हो, जितना होना चाहिए। आप संवाद करके और ज़रूरत पड़ने पर मदद के लिए आगे आकर अपने रिश्ते के इस पहलू को बेहतर बना सकते हैं।
भरोसा
किसी भी स्वस्थ रिश्ते के लिए भरोसा सबसे अहम होता है। रिश्ते में आपको अपने साथी की वफादारी या सच्चाई पर संदेह नहीं करना चाहिए। वैसे तो कपल एक दूसरे के साथ अधिकतर वक्त बिताते हैं लेकिन जीवन के कुछ हिस्से ऐसे होते हैं जब आप एक दूसरे से अलग होते हैं। इनमें अक्सर काम, शौक और दोस्ती शामिल होती है। जब रिश्ते में रहने वाले लोग एक-दूसरे पर भरोसा करते हैं तो उनके लिए ईर्ष्या या संदेह महसूस करने की संभावना कम होती है जब उनका साथी उनसे दूर समय बिताता है। सवाल करें,
- क्या आप अपने साथी पर भरोसा करते हैं? क्या वे आप पर भरोसा करते हैं?
- अगर आपको कभी अपने रिश्ते में झूठ बोलने की इच्छा होती है, तो ऐसा क्यों होता है?
- जब आपका साथी आपके बिना कुछ करता है तो क्या आपको जलन या चिंता होती है?
- हैप्पी और हेल्दी रिलेशनशिप वाले लोग ईर्ष्या या संदेह से परे एक साथ या अलग-अलग समय बिता सकते हैं।
प्रभावी संवाद
स्वस्थ रिश्तों की एक पहचान प्रभावी संचार है। इसका मतलब है कि आप जो महसूस कर रहे हैं और सोच रहे हैं उसे स्पष्ट रूप से बताना, बजाय इसके कि आपका साथी आपके मन की बात पढ़ ले और ठीक से जान जाए कि आपको क्या चाहिए। इसका मतलब यह भी है कि अपनी भावनाओं को ईमानदारी से व्यक्त करें ताकि किसी भी झगड़े या आपसी समस्या हल किया जा सके। खुद से सवाल करें कि
- क्या आप अपने साथी को अपने जीवन की मुख्य बातों और चुनौतियों के बारे में बताने में सहज हैं?
- क्या आप खुलकर बात करते समय आलोचना से डरते हैं?
- क्या आप और आपका साथी टकराव से बचते हैं?
कपल संवेदनशील विषयों पर चर्चा करते समय थोड़ी घबराहट महसूस कर सकते हैं, लेकिन वे अपनी समस्याओं को बढ़ने देने के बजाय उन पर बात करने और साथ मिलकर समाधान खोजने के लिए तैयार रहते हैं।
अगर आप एक स्वस्थ रिश्ते में हैं तो शायद अपने साथी को अपने सबसे करीबी दोस्तों में से एक मानते हैं। हो सकता है कि आप दोनों में भी ऐसा ही सेंस ऑफ ह्यूमर हो और घर के कामों को निपटाने व घर की सफाई करने जैसे साधारण कामों में साथ समय बिताना आपको अच्छा लगता हो। आपका रिश्ता सिर्फ शारीरिक अंतरंगता के इर्द-गिर्द ही नहीं घूमता, बल्कि यह एक करीबी रिश्ते पर आधारित होता है। खुद से पूछें,
- क्या आप अपने साथी के साथ समय बिताना पसंद करते हैं?
- क्या आप एक-दूसरे के जीवन का अहम हिस्सा हैं?
- क्या आप अपनी व्यस्तता के बावजूद पार्टनर के साथ में मौज-मस्ती करते हैं?
कभी-कभी कुछ कपल को साथ रहने पर एहसास होता है कि उनमें ज़्यादा समानता नहीं है। इससे कुछ रिश्तों में तनाव आ सकता है क्योंकि बात करने या साथ मिलकर कुछ करने के लिए विषय ढूंढना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि साथी से दोस्ती हो जाए तो साथ में समय बिताना और खुलकर बातचीत करना आसान हो सकता है।