Nirjala Ekadashi Vrat 2025: निर्जला एकादशी को हिंदू धर्म का सबसे कठिन लेकिन पुण्यदायी व्रत माना जाता है। इस व्रत में जल तक ग्रहण नहीं किया जाता है। गर्मियों के मौसम में निर्जला एकादशी की तिथि पड़ती है। ऐसे में जब शरीर को जल और ऊर्जा की सबसे अधिक आवश्यकता होती है तो लोग निर्जला उपवास करते हैं।
Nirjala Ekadashi Vrat 2025: इस भीषण गर्मी में रखा है निर्जला एकादशी का व्रत तो रखें इन बातों का ध्यान
Nirjala Ekadashi Vrat 2025: गर्मियों में बिना जल के उपवास कर रहे हैं तो इन तरीकों से स्वस्थ रहकर व्रत कर सकते हैं।
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व्रत से एक दिन पहले करें तैयारी
निर्जला एकादशी से एक दिन पहले यानी दशमी तिथि को हल्का, सात्विक और सुपाच्य भोजन करें। अधिक पानी और फलों का सेवन करें ताकि शरीर हाइड्रेट रहे और अगले दिन व्रत के लिए तैयार हो।
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें
भीषण गर्मी में देर से उठने पर शरीर पहले से ही थका-थका लगता है। सुबह सूर्योदय से पहले स्नान कर लें और व्रत का संकल्प लें।
गर्मी से खुद को बचाएं
अपने शरीर को गर्मी से बचाएं। इसके लिए दोपहर के समय धूप में बाहर न निकलें। ठंडी और हवादार जगह पर रहें। शरीर को सीधा सूर्य के संपर्क से बचाएं।
ज्यादा शारीरिक श्रम न करें
इस दिन कोशिश करें कि ज्यादा मानसिक या शारीरिक परिश्रम न करें। शांति से भजन-कीर्तन, कथा पाठ और ध्यान करें। शरीर को थका देने वाली गतिविधियों से प्यास लग सकती है। साथ ही ऊर्जा की अधिक खपत होती है जिसके कारण कमजोरी महसूस हो सकती है।
निर्जला की जगह फलाहार
बुजुर्ग, बीमार या अत्यधिक गर्मी से परेशान लोग केवल फल, शर्बत या जल ग्रहण करके उपवास की भावना बनाए रख सकते हैं। ध्यान रखें भगवान भाव से प्रसन्न होते हैं, शरीर की अनदेखी न करें।
धीरे-धीरे खोलें उपवास
व्रत के दूसरे दिन पारण करते समय तुरंत भारी भोजन न करें। पहले जल या शर्बत लें, फिर फल और फिर हल्का भोजन करें।