जब भी बात सेहत को ठीक रखने की आती है तो स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अपनी डाइट में सुधार करने की सलाह देते हैं। हम दिनभर में जो कुछ भी खाते-पीते हैं शरीर पर उसका सीधा असर होता है। इतना ही नहीं दिन में आप कितनी बार खाते हैं ये भी बड़ा मायने रखता है।
एक्सपर्ट गाइड: डायबिटीज-हार्ट के मरीजों को दिन में कितनी बार खाना चाहिए? डाइट को लेकर किन बातों का रखें ध्यान
डायबिटीज और हार्ट मरीजों को अपने खान-पान को लेकर बहुत सावधानी बरतने की जरूरत होती है। आप क्या खाते-पीते हैं, इसपर बहुत हद तक ये निर्भर करता है कि आपकी सेहत कैसे होगी? आइए जानते हैं कि ऐसे मरीजों के लिए क्या डाइट प्लान होना चाहिए?
डायबिटीज और हार्ट के मरीज खान-पान को रखें ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डायबिटीज और हार्ट के मरीजों को कितनी बार खाना चाहिए, इससे ज्यादा जरूरी इस बात का ध्यान रखना है कि आप क्या खा रहे हैं और कितना खा रहे हैं?
- डायबिटीज में कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें सीधे ब्लड शुगर को प्रभावित करती हैं। वहीं, इंसुलिन और कुछ दवाओं के साथ खाने के समय का भी ध्यान रखना जरूरी हो जाता है।
- आमतौर पर नाश्ता, लंच और डिनर नियमित समय पर लेना ज्यादातर लोगों के लिए एक अच्छा तरीका हो सकता है।
- इसके अलावा बीच में छोटा और पौष्टिक स्नैक लिया जा सकता है। लेकिन बिना भूख के बार-बार खाते रहना ठीक नहीं है।
डायबिटीज में कार्बोहाइड्रेट और पोर्शन पर नजर रखें
डॉक्टर कहते हैं, डायबिटीज में सिर्फ खाने का समय नहीं, आप कितनी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें खा रहे हैं, यह भी महत्वपूर्ण है। लंबे समय तक भूखे रहने के बाद अचानक बहुत ज्यादा कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी वाली चीजें खाना ब्लड शुगर को बिगाड़ सकता है।
- डायबिटीज के मरीजों को थाली में सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और प्रोटीन की मात्रा अधिक रखनी चाहिए।
हार्ट मरीजों के लिए खाने की क्वालिटी ज्यादा जरूरी
हार्ट के मरीजों के लिए भी आहार पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। समय पर खाना खाने के बावजूद अगर थाली में नमक, चीनी, तली चीजें और पैकेज्ड फूड ज्यादा हैं तो इससे सेहत को नुकसान हो सकता है। दिल के मरीजों को सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें, मछली के साथ प्रोटीन और हेल्दी फैट वाले खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
- डायबिटीज और शुगर दोनों के मरीजों को एक ही समय पर खाने की आदत बनानी चाहिए।
- कोशिश करें कि डिनर बहुत देर से न हो। शाम के 8 बजे के पहले खाना खा लेना सेहत के लिहाज से अच्छा माना जाता है।
- अगर आप इंसुलिन या डायबिटीज की दवा लेते हैं जिससे शुगर बहुत कम हो सकती है, तो नाश्ता छोड़ना, लंबे समय तक भूखे रहना या अचानक इंटरमिटेंट फास्टिंग शुरू करना मुश्किलें बढ़ाने वाला हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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