बारात में फूलों का चलता-फिरता पंडाल इन दिनों कानपुर में रहने वाले लोगों की खास पसंद बन गया है। यही नहीं, दूल्हे की बग्घी में भी नए-नए बदलाव हो रहे हैं। पहले जहां एक घोड़े वाली बग्घी ही चलन में थी, वहीं अब लोग चार या सात घोड़ों वाली बग्घी की डिमांड कर रहे हैं। इसके साथ ही बग्घी को अलग लुक देने के लिए उस पर नक्काशी की जा रही है और उसे लाइटों से सजाया जा रहा है।
ये हैं पंडाल की खूबियां
राजस्थानी अंदाज में शहर में फूलों के चलते-फिरते पंडाल का नया ट्रेंड आया है। नौ बाई छह के बेला के फूलों से छोटे- छोटे पंडाल बनाए जा रहे हैं। बारातियों के हिसाब से बारात में फूलों से बने इन छोटे-छोटे पांडालों को लोग लेकर चलते हैं जिसके नीचे बाराती नाचते हुए जाते हैं। एक नौ बाई छह के पांडाल की कीमत करीब 12,000 रुपये है। इससे बारात को राजसी लुक मिलता है।
चार घोड़े वाली बग्घी
नयागंज स्थित न्यू स्वदेशी बैंड के राम प्रकाश शर्मा ने बताया कि बदलते दौर के साथ लोगों की पसंद में खासा बदलाव आया है। बग्घी को स्टाइलिश अंदाज में सजाया जा रहा है। बग्घी किराये पर देने वाले नई सड़क निवासी शानू ने बताया कि बारात के लिए लोग किराये पर जब बग्घी लेने आते हैं, तो वे बता देते हैं कि बग्घी को किस अंदाज में सजवाना है। साथ ही वह यह भी बता जाते हैं कि सजावट में किन फूलों का इस्तेमाल किया जाए।
चढ़ाई जाती है चांदी की परत
बग्घी को काफी डिजाइनर अंदाज में फूलों से सजाया जा रहा है। इसमें देसी से लेकर विदेशी फूलों का इस्तेमाल किया जा रहा है।बनारस से नक्काशी वाली बग्घियां भी मार्केट में आ गई हैं। इसमें अल्यूमिनियम के ऊपर चांदी की परत चढ़ाई जाती है और इसमें नक्काशी की हुई होती है। इस बग्घी का किराया 12,000 रुपये से शुरू है।
डिजाइनर लाइट भी खास
ट्रॉली वाली और छतरी वाली डिजाइनर लाइट चलन में आ गई है। यह खूब जगमगाती है। ट्रॉली वाली लाइट का किराया करीब 12,000 रुपये है।