प्रभा किरण
Gardening Tips: तालाब नहीं घर पर भी लगा सकते हैं कमल का पौधा, अपनाएं ये तरीका
कहां से मिलेगा बीज
कमल के बीजों को सरल भाषा में कमल गट्टा कहा जाता है। आप इनको किराना स्टोर या ऑनलाइन शॉपिंग साइट से खरीद सकती हैं। अगर आप किराना स्टोर से ले रही हैं तो थोड़ी ज्यादा मात्रा में लें, क्योंकि हो सकता है कि कई बीज डैमेज हों और अंकुरित न हो पाएं। बीजों को चेक करने के लिए उनको पानी में डालें। अगर बीज सतह पर बैठ जाते हैं तो वे अंकुरण के लिए सही हैं।
सबसे जरूरी चरण
कमल के बीज को उगाने के लिए सबसे जरूरी चरण है उसे घिसना, जिससे वह आसानी से ग्रो कर सके। कमल के बीज का बाहरी कोट भारी और सख्त होता है। इसके दो छोर होते हैं। एक में छेद दिखता है और दूसरे में पॉइंटेड टिप। आप छेद की तरफ से इसे तब तक घिसें, जब तक इसका सफेद हिस्सा न दिखने लगे। जब आप कमल के बीज को घिसें तो ध्यान रखें कि इस प्रक्रिया में बीज डैमेज न होने पाए।
पहले एक गिलास
कमल के बीजों को घिसने के बाद बीज को ग्रो होने के लिए एक पारदर्शी गिलास में पानी डालें। अगर सीड्स ज्यादा हैं तो उनको दो-तीन अलग-अलग गिलासों में भी डाल सकती हैं या किसी बड़े गहरे गिलास का उपयोग करें। कमल के बीजों को अंकुरित होने के लिए गर्मी की आवश्यकता होती है। इसके लिए गिलास को धूप वाले स्थान पर रखें। एक या दो दिन पर पानी को बदलती रहें। दो-तीन दिन के अंदर ग्लास में ग्रो करता बीज दिखने लगेगा। 10 दिनों के भीतर कमल के बीज अंकुरित हो जाते हैं और करीब 20 दिनों में ये चार से छह इंच लंबे हो जाते हैं।
बड़ा पॉट या टब
जब अंकुर 2-3 इंच लंबा हो जाए तो उसे किसी बड़े गिलास में शिफ्ट कर दें। गिलास में मिट्टी और खाद डालकर अंकुरित बीज को 2-3 इंच नीचे हल्के हाथ से दबा दें। जब पत्तियां और जड़ें दिखने लगें तो इसे किसी बड़े टब या मिट्टी के बड़े पॉट में शिफ्ट कर दें। इसके 50 प्रतिशत भाग में मिट्टी और गोबर की खाद को बराबर मात्रा में मिलाकर भरें। फिर इसमें पानी को सतह तक भरें और इसे धूप वाली जगह पर रख दें। कुछ दिन बाद कमल के अंकुरित बीजों को मिट्टी में एक या दो इंच नीचे बो दें। आप चाहें तो पानी की साफ-सफाई के लिए छोटी-छोटी मछलियां भी टब में पाल सकती हैं। मछलियों को पौधों के बड़े होने के बाद ही डालें।