चीन में इन दिनों कोरोना के कारण दिख रही तबाही पूरी दुनिया के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। अध्ययनों से पता चलता है कि ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट BF.7 अधिक संक्रामकता के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को आसानी से चकमा देने में सफल हो रहा है, इसने लोगों के डर को और भी बढ़ा दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोरोना के इस खतरे से बचे रहने के लिए सभी लोगों को बचाव के उपाय करते रहने चाहिए, जिन लोगों को वैक्सीन की दो डोज लग चुकी है, उन्हें बूस्टर डोज लगवाने की सलाह दी जा रही है। BF.7 अधिक संक्रामकता वाला वैरिएंट जरूर है पर थोड़ी सी सावधानी बरतकर इससे बचाव किया जा सकता है।
Covid-19 Study: वैक्सीनेशन के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं लक्षण, जानिए आपमें किस तरह के जोखिम का खतरा?
अध्ययन में क्या पता चला?
हार्वर्ड, स्टैनफोर्ड और किंग्स कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित COVID-19 ट्रैकर, ज़ो हेल्थ स्टडी में वैक्सीनेशन स्टेटस के आधार पर अलग-अलग तरह के लक्षणों के बारे में पता चलता है। वैक्सीनेशन स्टेटस का मतलब आपको वैक्सीन की कितनी डोज लगी है।
शोधकर्ताओं की टीम ने पाया कि जिन लोगों को वैक्सीन की दो डोज लग चुकी है, यानी कि जिनका टीकाकरण पूर्ण हो चुका है ऐसे ज्यादातर लोगों को या तो सर्दी-खांसी जैसे हल्के लक्षण हो रहे हैं या फिर लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं। यानी कि टीकाकरण करा चुके लोगों में गंभीर रोग का खतरा नहीं देखा जा रहा है।
वैक्सीन की एक डोज लेने वालों में लक्षण
जो कोविड हेल्थ स्टडी में शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों को वैक्सीन की केवल एक ही डोज लगी है, ऐसे लोगों में सामान्य लक्षण हो सकते हैं, पर फिर भी यह आपको गंभीर रोग से बचाने में सहायक है। ऐसे लोगों में सिरदर्द, छींक आना, नाक बहने, लगातार खांसी आने और गले में खराश जैसी दिक्कतों का अनुभव हो सकता है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि सिंगल शॉट वैक्सीन कोरोना के खतरे से बचाने में बहुत प्रभावी नहीं है।
वैक्सीन की दो डोज ले चुक लोगों में लक्षण
जो कोविड हेल्थ स्टडी में पाया गया है कि जिन लोगों का वैक्सीनेशन पूरा हो चुका है ऐसे लोगों में संक्रमण की स्थिति में गंभीर रोग होने का जोखिम कम होता है। इस तरह के लोगों ने गला खराब होने, खांसी आने, नाक बहने या बंद नाक के अलावा सिरदर्द की समस्याओं के बारे में बताया है। वहीं एक अन्य अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके ज्यादातर लोगों में BF.7 संक्रमण की स्थिति में लक्षण नजर नहीं आते हैं।
बिना वैक्सीनेशन वाले हो सकते हैं गंभीर रोग के शिकार
शोधकर्ताओं ने पाया कि चूंकि ओमिक्रॉन वैरिएंट्स के कारण गंभीर लक्षणों का जोखिम कम देखा जा रहा है, ऐसे में जिन लोगों को वैक्सीनेशन नहीं हुआ है उनमें भी BF.7 संक्रमण की स्थिति में सिरदर्द, छींक आना, नाक बहने, लगातार खांसी आने और गले में खराश जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। हालांकि ऐसे लोगों की सेहत के आधार पर इन लक्षणों के गंभीर रूप लेने का खतरा अधिक रहता है।
बिना टीकाकरण वाले लोगों में यह फेफड़ों की समस्या और अन्य अंगों के लिए भी दिक्कतें बढ़ाने वाली स्थिति हो सकती है।