चीन में कोरोना की मौजूदा लहर के कारण बिगड़े हालात, पूरी दुनिया के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक यहां रोजाना लाखों लोगों में संक्रमण की पुष्टि की जा रही है, आश्चर्यजनक रूप से मृतकों की संख्या भी काफी अधिक है। हालांकि चीन सरकार पर, एजेंसियां डेटा छिपाने की का आरोप लगा रही हैं।
Covid-19: BF.7 से खतरे के बीच 'अतिसंक्रामक' XBB वैरिएंट ने बढ़ाई चिंता, भारत में इन दोनों की हो चुकी है पुष्टि
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सीडीसी ने XBB वैरिएंट को लेकर किया आगाह
यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने अपने हालिया रिपोर्ट में बताया कि संयुक्त राज्य अमेरिका में XBB वैरिएंट के कारण संक्रमण के मामलों में 18 फीसदी जबकि पूर्वोत्तर में 50 प्रतिशत मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। सीडीसी के अनुसार, 24 दिसंबर को समाप्त हुए सप्ताह में संयुक्त राज्य अमेरिका में XBB के 18.3% संक्रमितों का अनुमान है, जो पिछले सप्ताह में 11.2% था।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिस प्रकार से अध्ययनों में कोरोना के इस वैरिएंट की प्रकृति के बारे में देखा गया है, उसे ध्यान में रखते हुए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्कता है, यह वैरिएंट तेजी से लोगों में संक्रमण का कारण बन सकता है।
XBB वैरिएंट की प्रकृति अधिक संक्रामक
शोधकर्ताओं ने बताया, XBB कोरोना के BA.5 का एक सब-वैरिएंट है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) में कोविड तकनीकी प्रमुख मारिया वान केरखोव ने एक रिपोर्ट में बताया था कि यह BA.2.75 और BA.2.10.1 के पुनः संयोजन से उत्पन्न वैरिएंट है। इसकी संक्रामकता दर और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में गंभीर रोग के जोखिमों को लेकर लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। कोरोना के इस वैरिएंट के जोखिम को देखते हुए पिछले महीनों में अमेरिकी वैज्ञानिकों ने फाइजर/मॉडर्ना के उन बूस्टर शॉट्स पर जोर दिया था जो खास तौर पर इन वैरिएंट्स को लक्षित कर सके।
XBB के कारण रि-इंफेक्शन का जोखिम
डब्ल्यूएचओ ने एक रिपोर्ट में बताया था कि शुरुआती अध्ययनों के मुताबिक ओमिक्रॉन के अन्य सब-वैरिएंट्स की तुलना में XBB के कारण रि-इंफेक्शन का जोखिम भी अधिक हो सकता है। इस वैरिएंट की वैक्सीन स्केप क्षमता भी अधिक पाई गई है, जो इसे शरीर में बनी प्रतिरक्षा प्रणाली को आसानी से चकमा देते हुए लोगों में संक्रमण का कारण बनने के योग्य बनाती है।
शोधकर्ताओ का मानना है कि इन नए सब-वैरिएंट्स में प्रतिरक्षा को आसानी से चकमा देने वाले म्यूटेशन देखे गए हैं, जिसके कारण फिलहाल सभी लोगों में खतरा बना हुआ है।
ये वैरिएंट्स भारत के लिए भी बन सकते हैं खतरा
दुनियाभर में मौजूदा समय में कोरोना के बढ़ते मामलों के लिए जिन दो वैरिएंट्स BF.7 और XBB को प्रमुख पाया गया है, इन दोनों की भारत में भी पुष्टि हो चुकी है। हाल ही में देश में BF.7 से संक्रमित चार लोगों की पुष्टि हुई थी, वहीं अक्तूबर में अकेले महाराष्ट्र में XBB वैरिएंट से 18 लोगों को संक्रमित पाया गया था।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, नए वैरिएंट्स मे तेजी से संक्रमण फैलाने की जो प्रकृति है वह काफी चिंताजनक है, सभी लोगों को इस जोखिम को ध्यान में रखते हुए बचाव के उपाय करते रहने चाहिए।