रक्तदान को महादान माना जाता है, क्योंकि यह किसी की जिंदगी बचा सकता है। अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि ब्लड डोनेशन न सिर्फ किसी रोगी की जान बचा सकता है, साथ ही अगर आप रक्तदान करते हैं तो यह आपके लिए भी काफी लाभकारी है। एक अध्ययन में पाया गया है कि नियमित रक्तदान करने वाले लोगों में हृदय रोगों का खतरा कम हो सकता है।
World Blood Donor Day2023: रक्तदान के कई लाभ पर ऐसे लोगों को नहीं करना चाहिए डोनेशन, जानिए ये बेहद जरूरी बातें
रक्तदान की गाइडलाइंस
रक्तदान करने से पहले नेशनल एलिजिबिलिटी गाइडलाइंस को पूरा करना बहुत आवश्यक है। इसके लिए आपकी सेहत से लेकर, बीमारियों, उम्र, आखिरी रक्तदान कब किया, जैसी बातों का विशेष ध्यान रखा जाता है। रक्तदान करने के लिए आपकी उम्र 18-65 के बीच होनी चाहिए, इससे कम या अधिक उम्र के लोग रक्तदान नहीं कर सकते हैं।
कुछ और स्थितियां हैं जिनमें रक्तदान न करने की सलाह दी जाती है। आइए इस बारे में जानते हैं।
पियर्सिंग या टैटू के बाद रक्तदान
यदि आपने हाल ही में पियर्सिंग या टैटू बनवाया है, या फिर कॉस्मेटिक की कोई भी चीज जिसमें त्वचा में छेद या कट लगाने की जरूरत हुई है तो ऐसे लोगों को कम से कम चार महीने तक रक्तदान नहीं करना चाहिए। इसका मुख्य कारण हेपेटाइटिस वायरस को स्थानांतरित होने से रोकना है।
पियर्सिंग या टैटू में चूंकि त्वचा में छेद या त्वचा के हिस्से निकाले जाते हैं ऐसे में रक्तदान न करने की सलाह दी जाती है।
एंटीबायोटिक्स इलाज के बाद रक्तदान
यदि आपको हाल ही में कोई बीमारी रही है जिसमें एंटीबायोटिक्स दवाओं का साथ उपचार की आवश्यकता पड़ी हो तो भी रक्तदान नहीं करना चाहिए। जिन लोगों ने पिछले सात दिनों के भीतर एंटीबायोटिक्स का कोर्स पूरा किया है या पिछले दो हफ्तों के भीतर किसी भी प्रकार का संक्रमण हुआ है, उन्हें रक्तदान से बचाना चाहिए।
ऐसा इसलिए है क्योंकि कुछ संक्रमण रक्त में मौजूद हो सकते हैं। रक्तदान के माध्यम से इसके प्राप्तकर्ता में पहुंचने का जोखिम हो सकता है।
इन स्थितियों में भी न करें रक्तदान
कुछ और भी स्थितियां हैं जिनमें आपको रक्तदान नहीं करना चाहिए।
- आपको पिछले एक वर्ष में हेपेटाइटिस या पीलिया की समस्या रही है।
- आपको किसी प्रकार का कैंसर है या कैंसर के लिए इलाज चल रहा है।
- मुंहासे या किसी प्रकार के संक्रमण के कारण एंटीबायोटिक्स ले रहे हैं।
- आपने 3 महीने के भीतर रक्तदान किया है तो भी फिर रक्तदान से बचना चाहिए। दो रक्तदान के बीच का अंतर कम से कम 90 दिनों का होना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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