आहार में गड़बड़ी के कारण पाचन की समस्या जैसे कब्ज-अपच होना काफी सामान्य है। पर क्या आपको अक्सर ही इस तरह की दिक्कत बनी रहती है? अगर हां तो इस बारे में किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें। कब्ज की लंबे समय तक बनी रहने वाली दिक्कत कई प्रकार की गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकती है।
Stomach Problem: अक्सर बनी रहती है कब्ज-पाचन की दिक्कत? कहीं ज्यादा तनाव तो नहीं ले रहे हैं आप
आहार से संबंधित समस्याएं
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पाचन-कब्ज की अधिकतर समस्याएं आहार में गड़बड़ी से संबंधित होती हैं। ज्यादा तैलीय, हाई फैट वाली चीजें कब्ज पैदा कर सकते हैं। डेयरी उत्पाद, अंडे, गरिष्ठ मिठाइयों का अधिक सेवन भी समस्याकारक माने जाते हैं। यदि आप इन चीजों का सेवन करते हैं तो पाचन को ठीक रखने के लिए अपने भोजन में भरपूर मात्रा में फाइबर युक्त सब्जियां और साबुत अनाज को भी शामिल करें। ये चीजें कब्ज-अपच की दिक्कतों से बचाने में मददगार हो सकती हैं।
कहीं आप भी तो नहीं ले रहे बहुत ज्यादा तनाव?
ज्यादा तनाव और चिंता की समस्या को शरीर में कई प्रकार की दिक्कतों को बढ़ाने वाला पाया गया है। इससे न सिर्फ रक्तचाप और हृदय गति बढ़ सकती है साथ ही अक्सर तनाव की समस्या कब्ज के भी जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती है। तनाव की स्थिति उन मांसपेशियों को प्रभावित करती है जो आपके शौच जाने के तरीके को नियंत्रित करती हैं।
अक्सर बनी रहने वाली मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के कारण गंभीर पाचन की दिक्कतों का खतरा हो सकता है।
कई और गंभीर रोगों का हो सकती है संकेत
कब्ज-पाचन की अक्सर बनी रहने वाली समस्याओं के कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारण हो सकते हैं। ऐसी स्थितियां जो आपके मस्तिष्क और रीढ़ को प्रभावित करती हैं- जैसे पार्किंसंस रोग, रीढ़ की हड्डी की क्षति या मस्तिष्क की चोटें भी आपके पाचन को प्रभावित करने वाली हो सकती है। मधुमेह और थायरॉयड ग्रंथि की समस्याएं भी पाचन विकारों का कारण हो सकती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर लंबे समय तक आपको कब्ज या पाचन की दिक्कत रहती है तो डॉक्टर की सलाह लेकर जांच जरूर कराएं।
उम्र के साथ होने वाली दिक्कत
डॉक्टर बताते हैं, जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, कब्ज होने की दिक्कत भी अधिक होती जाती है। ऐसा आंशिक रूप से इसलिए होता है क्योंकि आप उम्र बढ़ने पर कम सक्रिय हो सकते हैं और मेटाबॉलिज्म की दिक्कतें भी बढ़ने लग जाती हैं। पाचन की दिक्कतों से दूर रहने के लिए आहार और जीवनशैली में बदलाव के बारे में अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें, जो बुढ़ापे के साथ आपको नियमित रहने में मदद कर सकती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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