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Covid-19: एक महीने के भीतर देश में संक्रमण और मौत दोनों में दर्ज की गई वृद्धि, ये राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित

Fri, 26 Jan 2024 04:29 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Fri, 26 Jan 2024 04:29 PM IST
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843% increase in new COVID-19 cases and 682% rise in deaths in the last month in india
कोरोना के कारण गंभीर रोगों का खतरा - फोटो : iStock

कोरोना का संक्रमण पिछले कुछ महीनों में वैश्विक स्तर पर बढ़ता देखा गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ओमिक्रॉन के BA.2.86 वैरिएंट में म्यूटेशन से उत्पन्न JN.1 सब-वैरिएंट इस लहर का प्रमुख कारण माना जा रहा है। इसके कारण अमेरिका और सिंगापुर जैसे देशों में बड़ी संख्या में न सिर्फ अस्पतालों में भीड़ बढ़ी, साथ ही मौत के मामले भी बढ़े हैं।



भारत में भी संक्रमण के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। हालिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि दैनिक संक्रमण के आंकड़ों में अब थोड़ा  सुधार जरूर आया है पर देश में नए वैरिएंट का खतरा अब भी जारी है।

इंडियन सार्स-सीओवी-2 कंसोर्टियम ऑन जीनोमिक्स (INSACOG) द्वारा मंगलवार (23 जनवरी) को साझा की गई जानकारियों के मुताबिक देश में अब तक कोविड-19 के सब-वेरिएंट JN.1 के कुल 1,640 मामले हैं। महाराष्ट्र में इस नए वैरिएंट के सबसे ज्यादा 477 मामले, आंध्रप्रदेश में 219, केरल में 156 और गुजरात में 127 केस रिपोर्ट किए गए हैं। अगर पिछले एक महीने के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो पता चलता है कि संक्रमण के साथ देश में मृतकों के आंकड़े भी काफी तेजी से बढ़े हैं।

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कोरोना का खतरा - फोटो : Pixabay

संक्रमण और मौत के मामले बढ़े

इस महीने जारी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के कोविड-19 महामारी विज्ञान अपडेट के अनुसार, भारत में पिछले महीने कोविड-19 के संक्रमण और मौत दोनों के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, 11 दिसंबर 2023 से 7 जनवरी, 2024 तक 28 दिनों की अवधि में, भारत में 15,000 से अधिक नए मामले दर्ज किए गए। ये पिछली रिपोर्टिंग अवधि की तुलना में काफी अधिक है। दिसंबर 2023 से जनवरी 2024 के 28 दिनों की अवधि में रिपोर्ट की गई मौतों की संख्या में भी वृद्धि हुई, इस दौरान 86 लोगों की मौत हुई। नवंबर के शुरुआती हफ्तों में तुलनात्मक रूप से दैनिक मामले 100 या उससे कम बने हुए थे।

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कोरोना का खतरा - फोटो : PTI

देश में कोरोना से मौत के केस

रिपोर्ट से  पता चलता है कि देश में कोरोना के कारण मौत के मामले बढ़े हैं, हालांकि, मृत्युदर प्रति 100,000 लोगों पर एक मृत्यु से कम बनी हुई है। रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि भारत सहित दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के 11 में से पांच देशों ने नए मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है।

मौत के ज्यादातर मामले उन लोगों में देखे गए हैं, जो पहले से कोमोरबिडिटी के शिकार रहे हैं या फिर जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता क्रोनिक बीमारियों के कारण काफी कमजोर थी। 

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कोरोना के नए वैरिएंट्स का जोखिम - फोटो : iStock

71 देशों में फैल चुका है नया वैरिएंट

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक JN.1 वैरिएंट अब तक 71 देशों में रिपोर्ट किया गया है, वैरिएंट पर निगरानी के महत्व पर जोर दिया जा रहा है। अमर उजाला से बातचीत में स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, JN.1 वैरिएंट को शुरुआत से ही अति संक्रामकता वाला माना जा रहा है। संक्रमण दर अधिक होने से कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में भी इसका खतरा बढ़ा जिसके कारण रोग के कुछ गंभीर मामले भी रिपोर्ट किए गए। 

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कोरोना से बचाव जरूरी - फोटो : Pixabay

संक्रमण से बचाव को लेकर बरतें सावधानी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दीर्घस्तरीय रूप में देखें तो पता चलता है कि वैक्सीनेशन और प्राकृतिक संक्रमण के कारण अधिकतर लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता मौजूद है, जो उन्हें संक्रमण या फिर गंभीर रोग के खतरे से सुरक्षित रखने में मदद करती है। नया वैरिएंट कई देशों में तेजी से बढ़ता हुआ देखा गया है, ऐसे में बचाव के लिए सभी लोगों को निरंतर संक्रमण से बचाव के उपायों को लेकर सावधान रहने की आवश्यकता है।

मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथों की स्वच्छता पर ध्यान देकर कोरोना के खतरे को कम किया जा सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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