कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की स्थिति को सेहत के लिए कई प्रकार से हानिकारक माना जाता रहा है, इसका सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव हृदय स्वास्थ्य पर देखा जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हाई कोलेस्ट्रॉल के शिकार लोगों में हृदय रोग, हार्ट अटैक जैसी गंभीर और जानलेवा समस्याओं का खतरा काफी अधिक हो सकता है। सभी लोगों को नियमित अंतराल पर इसकी जांच और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने वाले उपाय करते रहना चाहिए।
सेहत का बात: हार्ट ही नहीं इन अंगों के लिए भी खतरनाक है हाई कोलेस्ट्रॉल, तुरंत करा लें जांच
हाई कोलेस्ट्रॉल, हृदय के लिए क्यों हानिकारक है?
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की स्थिति कई प्रकार से हृदय के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती है।
सबसे पहले हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण आपकी धमनियों में प्लाक बनने का खतरा रहता है, जो इसे संकीर्ण कर देती हैं। इस स्थिति में हृदय में रक्त का प्रवाह अवरुद्ध होने लगता है। हृदय तक सही तरीके से या निरंतर रक्त न पहुंचने के कारण सीने में दर्द या दिल का दौरा पड़ने का खतरा हो सकता है।
हाई कोलेस्ट्रॉल शरीर में इंफ्लामेशन बढ़ाने वाली भी मानी जाती है, जिससे रक्त वाहिकाएं सख्त हो सकती हैं। इससे आपके हृदय को रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे रक्तचाप बढ़ा रहता है। ब्लड प्रेशर बढ़े रहने के कारण भी हृदय रोगों का खतरा हो सकता है।
स्ट्रोक का भी बढ़ जाता है खतरा
हाई कोलेस्ट्रॉल के दुष्प्रभाव सिर्फ हृदय रोगों तक ही सीमित नहीं हैं, इसके कारण स्ट्रोक का भी जोखिम हो सकता है। कोलेस्ट्रॉल के कारण बनने वाले प्लाक सिर्फ आपके दिल और उसके आस-पास की रक्त वाहिकाओं को ही प्रभावित नहीं करते हैं, वे मस्तिष्क तक जाने वाली कुछ धमनियों को भी संकीर्ण कर देते हैं। अगर मस्तिष्क तक रक्त ले जाने वाली कोई वाहिका पूरी तरह से अवरुद्ध हो जाती है, तो आपको स्ट्रोक हो सकता है। स्ट्रोक और हार्ट अटैक दोनों को मौत के प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है।
बढ़ सकती हैं डायबिटीज की जटिलताएं
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है उन्हें कोलेस्ट्रॉल को लेकर और भी अलर्ट रहने की आवश्यकता होती है। हाई ग्लूकोज और हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या आपके लिए कई तरह से जटिलताओं को बढ़ाने वाली मानी जाती है। डायबिटीज वाले लोगों में हृदय रोगों का खतरा भी अधिक होता है, इसलिए मधुमेह के शिकार लोगों को कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर दोनों को कंट्रोल में रखना जरूरी है।
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के हो सकते हैं शिकार
हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण नपुंसकता बढ़ने का भी जोखिम देखा जाता रहा है। लंबे समय में, कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक रहने के कारण जननांग की छोटी रक्त वाहिकाओं के संकुचित होने का भी खतरा हो सकता है इससे इरेक्शन प्राप्त करने में भी कठिनाई होती है। हाई कोलेस्ट्रॉल आपके हृदय और लिंग दोनों में रक्त के प्रवाह को बाधित कर सकती है, जिसके कारण इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का जोखिम हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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