हम में से कई लोगों के दिन की शुरुआत कॉफी जैसे पेय के साथ होती है। कैफीन से भरपूर होने के कारण ये पेय शरीर को स्फूर्ति देने और नींद भगाने में मदद करती है। पर एक सवाल हमेशा मन में रहता है कि कॉफी पीना फायदेमंद है या नुकसानदायक?
Caffeine Intake: इन लक्षणों का मतलब आप बहुत ज्यादा पी रहे हैं कॉफी, जानिए क्या हो सकते हैं इसके नुकसान
कॉफी पीने के फायदे और नुकसान
शोध में पाया गया है कि कैफीन का अगर संयमित मात्रा में सेवन किया जाए तो इससे वजन कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा लिवर और मस्तिष्क के लिए भी इसे लाभकारी पाया गया है। पर कुछ अध्ययन बताते हैं कि अगर आप ज्यादा कॉफी पीते हैं तो इससे टाइप-2 डायबिटीज और गर्भावस्था से संबंधित कई तरह की दिक्कतों के बढ़ने का खतरा हो सकता है। कुछ अध्ययनों में ज्यादा कैफीन को प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाला भी पाया गया है।
कैसे जानें कहीं आप भी तो नहीं पी रहे हैं ज्यादा कॉफी?
चिंता-तनाव की बढ़ सकती है समस्या
कैफीन को सतर्कता बढ़ाने के लिए जाना जाता है। यह एडेनोसिन के प्रभाव को कम कर देती है। एडेनोसिन मस्तिष्क में मौजूद एक रसायन है जो आपको थका हुआ महसूस कराता है। जब आप बहुत ज्यादा कॉफी पीने लगते हैं तो मस्तिष्क की अति सक्रियता के कारण आपको चिंता और घबराहट जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। अमेरिकन साइकियाट्रिक एसोसिएशन के विशेषज्ञों ने कहा, जिन लोगों को इस तरह की दिक्कत रहती है उन्हें कैफीन का सेवन कम करना चाहिए।
नींद न आने की समस्या
कैफीन वाली चीजें आपको जागते रहने में मदद करती हैं। हालांकि बहुत अधिक मात्रा में कैफीन का सेवन करने के कारण आपको अच्छी नींद पाने में भी मुश्किल हो सकती है। अध्ययनों में पाया गया है कि कैफीन की अधिकता के कारण कई लोगों को अनिद्रा की समस्या होने लगती है। यदि आप भी नींद पूरी न होने की दिक्कत से परेशान रहते हैं तो कैफीन या कॉफी का सेवन कम कर दें।
उच्च रक्तचाप का हो सकता है खतरा
कैफीन को वैसे तो हृदय स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक नहीं पाया गया है हालांकि अधिक मात्रा में कॉफी पीने से तंत्रिका तंत्र पर इसके उत्तेजक प्रभाव के कारण रक्तचाप बढ़ने का खतरा हो सकता है। उच्च रक्तचाप दिल का दौरा और स्ट्रोक के लिए एक जोखिम कारक माना जाता है। ये हृदय और मस्तिष्क दोनों के लिए खतरनाक है। इसलिए यदि आपका भी ब्लड प्रेशर अक्सर बढ़ा रहता है तो कॉफी का सेवन कम कर देना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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