क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो टॉयलेट में बैठने के दौरान फोन की स्क्रीन को स्क्रॉल करते रहते हैं? अगर हां तो यकीन मानिए आप अकेले ऐसे नहीं हैं। जिन लोगों को टॉयलेट में ज्यादा वक्त लगता है वह इस तरह के कई तरीके पहले से अपनाते रहे हैं।
Alert: क्या आप भी टॉयलेट में इस्तेमाल करते हैं फोन? इस आदत से एक नहीं कई बार हो सकते हैं संक्रमण के शिकार
क्यों हानिकारक है ये आदत?
हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं, टॉयलेट की सीट और वहां मौजूद चीजें जैसे बाल्टी-मग आदि पर लाखों वायरस-बैक्टीरिया हो सकते हैं। जब आप इनके इस्तेमाल के बाद फोन को छूते हैं तो हाथों के माध्मय से बैक्टीरिया आपको फोन पर चिपक जाते हैं। इसका एक जोखिम यह भी है कि आपका स्मार्टफोन शौच में मौजूद बैक्टीरिया से दूषित हो सकता है।
इस तरह के एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने फोन में ई.कोलाई और अन्य माइक्रोबियल की मौजूदगी का पता लगाया। ब्रिटेन के एक शोध अध्ययन में पाया गया कि औसत स्मार्टफोन स्क्रीन पर टॉयलेट सीट से भी ज्यादा बैक्टीरिया हो सकते हैं।
कीटाणुओं का वाहक बन सकता है आपका फोन
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं जो फोन आप टॉयलेट से बाहर लेकर आते हैं उसका अगर परीक्षण किया जाए तो यह कीटाणुओं के घर जैसा दिख सकता है। हम अपने हाथों को तो धो लेते हैं पर फोन को साफ नहीं करते हैं। ऐसे में लंबे समय तक जर्म्स फोन की स्क्रीन पर रह सकते हैं और जब-जब इसपर हाथ लगाते हैं तो उसके माध्यम से ये नाक और मुंह के रास्ते पेट में जा सकते हैं।
इससे कब्ज का भी बढ़ जाता है जोखिम
टॉयलेट में लंबे समय तक फोन के इस्तेमाल के कारण कब्ज होने का खतरा हो सकता है, क्योंकि आपका शरीर बाथरूम में बहुत लंबे और अप्राकृतिक समय तक बैठने का आदी हो जाता है। इसके अलावा, वॉशरूम में आपका 30 मिनट तक बैठने का समय बवासीर का भी खतरा बढ़ा देता है।
इस आदत से कैसे पाएं छुटकारा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं सबसे पहले केवल तब तक ही शौचालय पर बैठना चाहिए जब तक आपकी वास्तविक जरूरत हो। यदि कुछ मिनटों के बाद मल त्याग नहीं होता है, तो जबरदस्ती बैठे रहने का लाभ नहीं है। जब आप बहुत देर तक प्रयास करते रहते हैं असल में इसी समय फोन की आवश्यकता होती है। इसके बजाय उठिए और कुछ और करिए। जब आपको दोबारा जाने की इच्छा हो, तो आप शौचालय में जाएं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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