हमारे शरीर को ठीक तरीके से काम करते रहने के लिए नियमित रूप से आहार के माध्यम से कई प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। विटामिन-डी, जिसे सनशाइन विटामिन भी कहा जाता है, ये शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आमतौर पर इसे सिर्फ हड्डियों की सेहत से जोड़कर देखा जाता है पर असल में इम्युनिटी से लेकर कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाने के लिए हमें निरंतर रूप से इसकी आवश्यकता होती है। कहीं आपमें इस विटामिन की कमी तो नहीं है?
Vitamin D: कहीं आपमें भी तो नहीं है विटामिन-डी की कमी? ये चार लक्षण हैं तो तुरंत हो जाइए अलर्ट
बार-बार होते हैं बीमार?
यदि आप खुद को सामान्य से अधिक बार बीमार पड़ते हुए पाते हैं, खासकर सर्दियों के महीनों के दौरान, तो यह संकेत हो सकता है कि अपर्याप्त विटामिन-डी के कारण आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो गई है। यह महत्वपूर्ण विटामिन आपकी प्रतिरक्षा सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विटामिन-सी की ही तरह विटामिन-डी की इम्युनिटी को मजबूत बनाए रखने के लिए बहुत आवश्यक है।
घावों को ठीक होने में लगता है अधिक समय
यदि आपके घाव और कट को ठीक होने में सामान्य से अधिक समय लगता है, तो यह भी विटामिन-डी की कमी के कारण हो सकता है। यह महत्वपूर्ण पोषक तत्व शरीर की प्राकृतिक उपचार प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इम्युनिटी की कमजोरी कारण घावों में संक्रमण होने का भी खतरा हो सकता है।
घावों के देर से भरने की समस्या डायबिटीज में भी होती है, इसलिए ऐसे लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर की सलाह ली जानी चाहिए।
हड्डियों और मांसपेशियों में रहता है दर्द
हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए विटामिन-डी बहुत जरूरी है। विटामिन-डी के स्तर में कमी के परिणामस्वरूप हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी और यहां तक कि ऑस्टियोमलेशिया जैसी गंभीर स्थितियां भी हो सकती हैं। यदि आप अपनी हड्डियों और मांसपेशियों में अस्पष्ट कारणों से दर्द और ऐंठन का अनुभव करते हैं, तो विटामिन-डी के टेस्ट को लेकर एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
बहुत ज्यादा झड़ रहे हैं बाल?
बालों के झड़ने की समस्या इन दिनों बहुत कॉमन है, इसके लिए कई कारक जिम्मेदार हो सकते हैं, जिनमें से विटामिन-डी की कमी भी एक है। यदि आपके बाल सामान्य से अधिक पतले या झड़ रहे हैं, तो यह अपर्याप्त विटामिन डी के स्तर से जुड़ी समस्या हो सकती है। कई बार बालों की समस्याओं को ठीक करने के लिए डॉक्टर आपको इसके सप्लीमेंट्स की भी सलाह दे सकते हैं, इसलिए नियमित रूप से आहार में इस विटामिन को जरूर शामिल किया जाना चाहिए।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।