कैंसर दुनियाभर में मृत्यु के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक है, जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। वैसे तो कैंसर का जोखिम शरीर के कई अंगों में हो सकता है, पर लंग्स यानी फेफड़ों के कैंसर के मामले पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ते हुए रिपोर्ट किए गए हैं।
Lung Cancer Awareness: फेफड़ों के कैंसर से हो जाती हैं हर साल लाखों मौतें, ये दो चीजें आपकी सबसे बड़ी दुश्मन
फेफड़ों में कैंसर की समस्या
फेफड़े, शरीर में ऑक्सीजन ले जाने के लिए जरूरी अंग हैं। इसमें कैंसर की स्थिति में आपके फेफड़ों में अनियंत्रित रूप से कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं। क्षतिग्रस्त कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से विभाजित होकर ट्यूमर बना सकती हैं। इस कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर फेफड़े और सांस की अन्य समस्याओं से मिलते-जुलते हो सकते हैं, जिसके कारण लोगों के लिए इसे पहचान पाना कठिन हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जीवनशैली की दो आदतों को इस कैंसर का प्रमुख कारक माना जाता है, अगर आपमें भी ये आदतें हैं तो तुरंत सावधान हो जाइए।
धूम्रपान, लंग्स कैंसर का प्रमुख कारण
डॉक्टर कहते हैं, जो लोग धूम्रपान करते हैं उनमें फेफड़ों के कैंसर का खतरा सबसे अधिक होता है, हालांकि कैंसर उन लोगों में भी हो सकता है जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया है। यदि आप धूम्रपान छोड़ देते हैं, तो इस कैंसर के विकास की आशंका को कम भी किया जा सकता है।
संयुक्त राज्य अमेरिका में, फेफड़ों के कैंसर से होने वाली लगभग 80-90% मौतों का कारण सिगरेट पीना है। अन्य तम्बाकू उत्पादों जैसे सिगार या पाइप का उपयोग करने से भी कैंसर का खतरा हो सकता है।
धूम्रपान के धुएं के संपर्क में आना भी खतरनाक
धूम्रपान, लंग्स कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। हालांकि जो लोग धूम्रपान नहीं करते हैं, घर या काम पर धूम्रपान से निकलने वाले धुएं के संपर्क में आते हैं, उनमें भी इस कैंसर के विकसित होने का जोखिम हो सकता है। सेकेंडहैंड स्मोकिंग के कारण भी फेफड़ों के कैंसर के मामले काफी बढ़े हैं।
नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (एनसीआई) की रिपोर्ट के मुताबिक धूम्रपान, पुरुषों में फेफड़ों के कैंसर के 10 में से नौ मामलों और महिलाओं में 10 में से आठ मामलों का कारण बनता है।
फेफड़ों के कैंसर से कैसे बचें
फेफड़ों के कैंसर को रोकने का कोई निश्चित तरीका नहीं है, लेकिन कुछ सावधानियां बरतकर आप इसके खतरे को कम जरूर कर सकते हैं।
- धूम्रपान बिल्कुल न करें, न ही सेकेंडहैंड धूम्रपान के संपर्क में आएं।
- फलों और सब्जियों से भरपूर आहार लें।
- सप्ताह में कम से 150 मिनट के व्यायाम का लक्ष्य रखें।
- फेफड़ों में कुछ समस्या बनी हुई है तो समय रहते डॉक्टर से मिलकर इसकी जांच जरूर कराएं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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