कोरोना से सुरक्षा देने में विशेषज्ञ वैक्सीनेशन को सबसे प्रभावी हथियार मानते हैं। हालांकि वैक्सीनेशन को लेकर सामने आ रहे तमाम अध्ययन लोगों के मन में भ्रम की स्थिति भी पैदा कर रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना के वैरिएंट्स में लगातार हो रहे म्यूटेशन चिंता का विषय बने हुए हैं, इन वैरिएंट्स पर कौन सी वैक्सीन ज्यादा प्रभावी साबित हो सकती है, इस बारे में लगातार अध्ययन किया जा रहा है। इस बीच हालिया अध्ययन में विशेषज्ञों ने यूके की वैक्सीन फाइजर को कोरोना के तमाम वैरिएंट्स के खिलाफ काफी असरदार साबित होने का दावा किया है।
वैज्ञानिकों का दावा: कोरोना के कई वैरिएंट्स के खिलाफ 'सबसे असरदार' साबित हुई है यह वैक्सीन
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फाइजर वैक्सीन के दिखे अच्छे परिणाम
फिनलैंड में 180 स्वास्थ्य कर्मियों पर किए गए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने फाइजर वैक्सीन को काफी असरदार पाया है। वैज्ञानिकों ने पाया कि फाइजर वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा कोरोना के अल्फा वैरिएंट्स के खिलाफ काफी प्रभावी हो सकती है। वहीं पहली बार दक्षिण अफ्रीका में सामने आए बीटा वैरिएंट्स के खिलाफ फाइजर वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा में थोड़ी कमी जरूर देखी गई है लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि शरीर में बनी एंटीबॉडीज इसे भी निष्प्रभावी करने में असरदार हो सकती हैं। यह अध्ययन नेचर कम्यूनिकेशंस जर्नल में प्रकाशित किया गया है।
टीके की दो खुराक बहुत आवश्यक
दिसंबर 2020 में शुरू हुए इस अध्ययन में तुर्कु और हेलसिंकी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने टीकाकरण के बाद शरीर में बनी प्रतिरक्षा प्रणाली को जानने की कोशिश की। इस अध्ययन में फाइजर वैक्सीन के दोनों डोज ले चुके 180 स्वास्थ्य कर्मियों में टीके की प्रतिक्रिया का विश्लेषण किया गया। इस अध्ययन की तुलना कोविड-19 के ठीक हो चुके मरीजों की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया से की गई। अध्ययन के निष्कर्ष में वैज्ञानिकों ने पाया कि टीके की दो खुराकों के बाद लोगों में मूल वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी का स्तर काफी अधिक पाया गया।
अब तक की सबसे कारगर वैक्सीन मानी जा सकती है फाइजर
अध्ययन के बारे में तुर्कु विश्वविद्यालय के प्रोफेसर इक्का जुल्कुनैन कहते हैं, अब तक जितने भी टीकों का अध्ययन किया गया है, फाइजर वैक्सीन उनमें से सबसे प्रभावी साबित हुई है। इस अध्ययन में पाया गया है कि वैक्सीन सभी उम्र और लिंग के लोगों में एंटीबॉडी प्रतिक्रिया को बनाने में काफी कारगर साबित हो सकती है। कोरोना के बीटा वैरिएंट के खिलाफ भले ही प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया कमजोर पाई गई है, लेकिन शरीर में बनी एंटीबॉडीज उन्हें निष्प्रभावी करने के लिए पर्याप्त मानी जा सकती हैं।
अन्य वैरिएंट्स के खिलाफ प्रभाविकता जानने के लिए अध्ययन जारी
वैज्ञानिकों का कहना है कि हम दुनियाभर में तेजी से फैल रहे कोरोना के अन्य स्वरूपों के खिलाफ इस वैक्सीन की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को जानने के लिए अध्ययन कर रहे हैं। दुनियाभर के लिए चिंता का कारक बने कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ यह वैक्सीन कितनी असरदार साबित हो सकती है, इस बारे में अध्ययन किया जा रहा है। अब तक के परिणाम के आधार पर यह माना जा रहा है कि फाइजर वैक्सीन कोरोना के अन्य वैरिएंट्स के खिलाफ भी असरदार एंटीबॉडीज पैदा करने में सफल साबित होगी। इससे संबंधित अध्ययन का निष्कर्ष जल्द ही प्रकाशित किया जाएगा।
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स्रोत और संदर्भ:
COVID-19 mRNA vaccine induced antibody responses against three SARS-CoV-2 variants
अस्वीकरण नोट: यह लेख नेचर कम्यूनिकेशंस जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के निष्कर्ष के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं।