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हमारे देश के अधिकांश घरों में बिना कड़क चाय के ज्यादातर लोगों के दिन की शुरुआत ही नहीं होती है। समय के साथ देश में चाय की खपत लगातार बढ़ती जा रही है। एक आंकड़े के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 8.37 लाख टन चाय की खपत होती है। बाजार में कई तरह के स्वाद और फ्लेवर वाले चाय मौजूद हैं। पर क्या जितनी चाय हम पीतें हैं वह हमारी सेहत के लिए फायदेमंद है? कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है नहीं, चाय भले ही आपको कुछ पल की ताजगी देती हो लेकिन इसके कई नुकसान भी हो सकते हैं। प्रति दिन 3-4 कप (710-950 मिली) से अधिक की मात्रा में चाय पीने के नकारात्मक दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।
यदि आप चाय के शौकीन हैं तो यह बातें आपको निराश कर सकती हैं, लेकिन ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। इस लेख में हम आपको ऐसे उपाय बताने जा रहे हैं जो न सिर्फ आपकी चाय के स्वाद को बढ़ा देगी साथ ही इसका सेवन कई तरह से आपकी सेहत के लिए फायदेमंद भी हो सकता है। चाय में कुछ औषधियों को शामिल करके आप ऐसे स्वास्थ्य लाभ आसानी से प्राप्त कर सकते हैं, जिनके बारे में कभी सोचा भी नहीं होगा। आइए आगे की स्लाइडों में विस्तार से जानते हैं, चाय में किन औषधियों को शामिल करके अनेकों लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं?
सलाह: चाय में मिलाइए यह चार औषधियां, हर चुस्की के साथ पाइए अनेकों फायदे
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अदरक वाली चाय के फायदे अनेक
अदरक के बिना चाय अधूरी रह जाती है, पर क्या आप इसके फायदों के बारे में जानते हैं? अदरक को संक्रमण से मुकाबले के लिए सबसे उपयोगी और सहज औषधि माना जाता है। यह विटामिन बी6 जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता हुआ है। अदरक में मौजूद जिंजरोल नामक एक एक्टिव कंपाउंड इसे प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देने का गुण देता है। चाय में अदरक को मिलाकर सेवन करने के अन्य कई लाभ हो सकते हैं। कई रिपोर्टस में बताया गया है कि अदरक वाली चाय मूड को ठीक करने के साथ श्वसन पथ के संक्रमण को भी कम करने में सहायक मानी जाती है।
चाय में मिलाइए तुलसी की पत्तियां
आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक तुलसी की पत्तियों में वह सभी गुण मौजूद होते हैं जो हमारे शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए बेहद आवश्यक हैं। तुलसी को विटामिन सी और जिंक से भरपूर माना जाता है। इसके अलावा इसमें एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण भी होते हैं जो संक्रमण से मुकाबला करने के साथ हमें स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। तुलसी में फाइटोकेमिकल्स, बायोफ्लेवोनोइड्स और एंटी-ऑक्सीडेंट यौगिक भी पाए जाते हैं जो श्वसन पथ के संक्रमण को ठीक करने में बहुत फायदेमंद हो सकते हैं।चाय में तुलसी की पत्तियों को मिलाकर पीने से यह सभी लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं। इतना ही नहीं तुलसी की पत्तियां चाय के स्वाद को कई गुना तक बढ़ा देती हैं।
दालचीनी वाली चाय
कोरोना के समय में काढ़े में दालचीनी को डालकर इसका सेवन बढ़ा है। दालचीनी भारतीय व्यंजनों के मुख्य मसाले के रूप में प्रयोग में लाई जाती रही है। दालचीनी में पॉलिफीनॉल एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो रक्तचाप को नियंत्रित रखने में सहायक है। इसके अलावा यह इंसुलिन की संवेदनशीलता को भी बढ़ाती है। चाय में दालचीनी का छोटा सा टुकड़ा मिलाकर उसका सेवन करने से आपको कई सारे लाभ मिल सकते हैं। तासीर से गर्म दालचीनी का रोजाना सेवन इम्यूनिटी को मजबूत करने के साथ शरीर को कई तरह के संक्रमण से मुक्त रखने में विशेष रूप से सहायक हो सकता है।
इलाइची बढ़ाए स्वाद और सेहत
इलाइची, भारतीय व्यंजनों के मुख्य मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसमें मैंगनीज जैसे पोषक तत्वों की अधिकता होती है जो शरीर में वायरस से लड़ने वाली कोशिकाओं को बढ़ावा देने में मदद करती है। एंटी-ऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स से भरपूर इलाइची, पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में भी मददगार है। रोजाना चाय में एक से दो इलाइची डालने से न सिर्फ स्वाद अच्छा हो जाता है साथ ही यह स्वास्थ्य के लिए भी कई तरह से फायदेमंद है।
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नोट: यह लेख प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य आचार्य मनीष के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आचार्य मनीष, शुद्धी आयुर्वेद के संस्थापक हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला के हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।