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ब्रेस्ट कैंसर से बचाव: क्या स्तन कैंसर इलाज के बाद फिर लौट सकता है? जानें कब और क्यों बढ़ता है खतरा
Wed, 07 Oct 2026 12:08 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Wed, 07 Oct 2026 12:08 PM IST
सार
Breast Cancer Recurrence: इस लेख में जानें स्तन कैंसर दोबारा क्यों होता है, किन लोगों में इसका खतरा अधिक रहता है, रिकरेंस के लक्षण क्या हैं और इससे बचाव के लिए क्या सावधानियां जरूरी हैं।
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क्या स्तन कैंसर इलाज के बाद फिर लौट सकता है?
- फोटो : AI
Breast Cancer Recurrence: स्तन कैंसर का इलाज पूरा होने के बाद मरीज और परिवार को सबसे बड़ी चिंता अक्सर यही रहती है कि क्या यह बीमारी दोबारा लौट सकती है। इलाज के बाद कैंसर के वापस आने को कैंसर की पुनरावृत्ति यानी रिकरेंस कहा जाता है। हालांकि, हर मरीज में स्तन कैंसर दोबारा नहीं होता और इसका जोखिम हर व्यक्ति में अलग होता है।
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क्या स्तन कैंसर इलाज के बाद फिर लौट सकता है?
- फोटो : अमर उजाला
स्तन कैंसर दोबारा क्यों हो सकता है?
स्तन कैंसर के दोबारा होने का सबसे प्रमुख कारण यह हो सकता है कि शुरुआती इलाज के बाद कुछ कैंसर कोशिकाएं शरीर में रह गई हों। ये कोशिकाएं इतनी छोटी हो सकती हैं कि स्कैन या अन्य जांचों में दिखाई न दें। कुछ समय तक निष्क्रिय रहने के बाद ये कोशिकाएं दोबारा बढ़ सकती हैं।
कभी-कभी कैंसर कोशिकाएं इलाज के प्रति प्रतिरोधी भी हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में उपचार के बावजूद कुछ कोशिकाएं बच सकती हैं और आगे चलकर कैंसर दोबारा विकसित हो सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि शुरुआती इलाज गलत था।
स्तन कैंसर के दोबारा होने का सबसे प्रमुख कारण यह हो सकता है कि शुरुआती इलाज के बाद कुछ कैंसर कोशिकाएं शरीर में रह गई हों। ये कोशिकाएं इतनी छोटी हो सकती हैं कि स्कैन या अन्य जांचों में दिखाई न दें। कुछ समय तक निष्क्रिय रहने के बाद ये कोशिकाएं दोबारा बढ़ सकती हैं।
कभी-कभी कैंसर कोशिकाएं इलाज के प्रति प्रतिरोधी भी हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में उपचार के बावजूद कुछ कोशिकाएं बच सकती हैं और आगे चलकर कैंसर दोबारा विकसित हो सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि शुरुआती इलाज गलत था।
क्या स्तन कैंसर इलाज के बाद फिर लौट सकता है?
किन लोगों में रिकरेंस का जोखिम अधिक हो सकता है?
कुछ परिस्थितियां स्तन कैंसर के दोबारा लौटने की संभावना को बढ़ा सकती हैं। इनमें शामिल हैं:
कुछ परिस्थितियां स्तन कैंसर के दोबारा लौटने की संभावना को बढ़ा सकती हैं। इनमें शामिल हैं:
- कैंसर का अधिक उन्नत चरण में पता चलना।
- कैंसर का लिम्फ नोड्स तक फैल जाना।
- ट्यूमर का आकार बड़ा या ग्रेड अधिक होना।
- ट्रिपल-नेगेटिव या इंफ्लेमेटरी ब्रेस्ट कैंसर होना।
- सर्जरी के बाद कुछ कैंसर कोशिकाओं का आसपास के ऊतक में बच जाना।
- कम उम्र में स्तन कैंसर का निदान होना।
- अधिक वजन या मोटापा।
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क्या स्तन कैंसर इलाज के बाद फिर लौट सकता है?
- फोटो : Adobe stock
स्तन कैंसर दोबारा कितने प्रकार से हो सकता है?
रिकरेंस मुख्य रूप से तीन तरह का हो सकता है। स्थानीय रिकरेंस में कैंसर उसी स्तन, सर्जरी वाले हिस्से या छाती की दीवार के आसपास लौट सकता है। क्षेत्रीय रिकरेंस में पास के लिम्फ नोड्स प्रभावित हो सकते हैं। वहीं दूरस्थ या मेटास्टेटिक रिकरेंस में कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों, जैसे हड्डियों, फेफड़ों, लिवर या मस्तिष्क तक पहुंच सकता है।
रिकरेंस मुख्य रूप से तीन तरह का हो सकता है। स्थानीय रिकरेंस में कैंसर उसी स्तन, सर्जरी वाले हिस्से या छाती की दीवार के आसपास लौट सकता है। क्षेत्रीय रिकरेंस में पास के लिम्फ नोड्स प्रभावित हो सकते हैं। वहीं दूरस्थ या मेटास्टेटिक रिकरेंस में कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों, जैसे हड्डियों, फेफड़ों, लिवर या मस्तिष्क तक पहुंच सकता है।
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क्या स्तन कैंसर इलाज के बाद फिर लौट सकता है?
- फोटो : Adobe Stock
क्या कैंसर कई साल बाद भी लौट सकता है?
हां, स्तन कैंसर इलाज के कई साल बाद भी दोबारा हो सकता है। हालांकि, कई मामलों में रिकरेंस इलाज और शुरुआती निदान के बाद शुरुआती कुछ वर्षों में सामने आता है, लेकिन कुछ मामलों में लंबे समय बाद भी बीमारी लौट सकती है।
हां, स्तन कैंसर इलाज के कई साल बाद भी दोबारा हो सकता है। हालांकि, कई मामलों में रिकरेंस इलाज और शुरुआती निदान के बाद शुरुआती कुछ वर्षों में सामने आता है, लेकिन कुछ मामलों में लंबे समय बाद भी बीमारी लौट सकती है।