Parenting Mistakes: हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा उनसे अपनी हर खुशी, परेशानी और डर खुलकर शेयर करे। लेकिन जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, कई बार वे माता-पिता से बातें छिपाने लगते हैं या अपनी भावनाएं व्यक्त करने से बचते हैं। इसका मतलब हमेशा यह नहीं होता कि बच्चा जिद्दी या बदल गया है।
पेरेंटिंग टिप्स: बच्चा आपसे दिल की बात नहीं करता? माता-पिता आज ही छोड़ दें ये 7 गलतियां
7 Parenting Mistakes: कई बार घर का माहौल और माता-पिता का प्रतिक्रिया देने का तरीका भी बच्चे के व्यवहार को प्रभावित कर सकता है। अगर बच्चा आपसे अपनी बात कहने के बजाय दोस्तों, मोबाइल या किसी और व्यक्ति के साथ ज्यादा सहज महसूस करने लगा है, तो अभिभावकों को अपनी कुछ आदतों पर जरूर ध्यान देना चाहिए।
1. हर बात पर डांटना
अगर बच्चा कोई बात बताता है और उसे तुरंत डांट मिलती है, तो वह अगली बार अपनी समस्या शेयर करने से बच सकता है। पहले उसकी पूरी बात सुनना जरूरी है।
2. उसकी बात को छोटा समझना
बड़ों को बच्चे की परेशानी छोटी लग सकती है, लेकिन बच्चे के लिए वही समस्या बहुत बड़ी हो सकती है। उसकी भावनाओं को नजरअंदाज करने के बजाय उन्हें समझने की कोशिश करें।
3. दूसरे बच्चों से तुलना करना
“देखो, दूसरा बच्चा कितना अच्छा है” जैसी बातें बच्चे के आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकती हैं। तुलना की जगह बच्चे की अपनी प्रगति पर ध्यान दें।
4. हर गलती पर सजा की धमकी देना
अगर बच्चे को लगता है कि सच बताने पर उसे सजा मिलेगी, तो वह सच छिपाना शुरू कर सकता है। गलत व्यवहार पर समझाना और परिणामों के बारे में शांत तरीके से बात करना ज्यादा प्रभावी हो सकता है।
5. उसकी बात बीच में काटना
बच्चा अपनी बात पूरी करना चाहता है। बार-बार बीच में रोकने या तुरंत सलाह देने के बजाय उसे पूरा बोलने दें। इससे उसे महसूस होगा कि उसकी बात की अहमियत है।
6. उसकी निजी बात दूसरों को बताना
बच्चे ने भरोसे में कोई बात कही और माता-पिता ने उसे रिश्तेदारों या दोस्तों के सामने बता दिया, तो उसका भरोसा टूट सकता है। उसकी निजी बातों का सम्मान करना जरूरी है।
7. सिर्फ पढ़ाई और परिणामों पर ध्यान देना
अगर बातचीत हमेशा पढ़ाई, नंबर, अनुशासन या भविष्य को लेकर होती, तो धीरे-धीरे बच्चा अपनी परेशानियां और भावनाएं खुलकर शेयर कर सकता है है, तो बच्चा भावनात्मक बातें शेयर करने से बच सकता है। रोज कुछ समय बिना किसी दबाव के उसके साथ बिताएं।