हृदय रोग, वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, इसे मृत्यु के प्रमुख कारणों में से भी एक माना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक हर साल अनुमानित 17.9 मिलियन (1.79 करोड़) लोगों की मौत कार्डियोवैस्कुलर डिजीज (सीवीडी) के कारण हो जाती है।
Heart Disease: हृदय रोगों के सभी लक्षण हृदय से ही संबंधित हों ये जरूरी नहीं, इन संकेतों पर भी दें ध्यान
क्या आपको भी होती है ग्रिप की समस्या?
कई अध्ययनों में स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, आपके हाथों के ग्रिप की ताकत हृदय की सेहत के बारे में बहुत कुछ बता सकती है। शोध से पता चलता है कि किसी चीज को अच्छी तरह से पकड़ने, निचोड़ने में अगर आपको दिक्कत महसूस होती है तो यह संकेत हो सकता कि आपका हृदय स्वस्थ नहीं है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि पकड़ने की ताकत के आधार पर आप हृदय रोगों के खतरे का अनुमान लगा सकते हैं।
अक्सर चक्कर आना या कमजोरी की समस्या
चक्कर आना या कमजोरी महसूस होते रहना शरीर में कई प्रकार की बीमारियों के कारण होने वाली सबसे आम समस्या है, हालांकि अगर यह लंबे समय से बनी हुई है तो इसपर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। अक्सर चक्कर आना, आपके हृदय में किसी गड़बड़ी का परिणाम हो सकता है, आपके मस्तिष्क में पर्याप्त रक्त पंप न होने के कारण भी ये समस्या हो सकती है। हृदय रोगों के अन्य लक्षणों के साथ अगर आपको ये दिक्कत हो रही है तो इसपर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
त्वचा के रंग में बदलाव
हृदय रोगों की समस्या बढ़ने की स्थिति में शरीर में रक्त का संचार प्रभावित हो सकता है, समय के साथ इसके लक्षण आपकी त्वचा पर भी देखने को मिल सकते हैं। उंगलियों का रंग नीला या भूरा होना या त्वचा के ठीक नीचे खून जैसे धब्बे नजर आना हृदय से संबंधित समस्याओं का संकेत हो सकता है। त्वचा पर धब्बेदार, बैंगनी पैटर्न तब दिखाई देते हैं जब कोलेस्ट्रॉल प्लाक ब्रेक होने लगते है और छोटी रक्त वाहिकाओं में फंस जाते हैं। त्वचा में होने वाले इन बदलावों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
मसूड़ों की समस्या
मसूड़ों की समस्या को आमतौर पर ओरल हाइजीन या दांतों की दिक्कतों के रूप में देखा जाता है पर क्या आप जानते हैं कि ये हृदय की समस्याओं का भी संकेत हो सकता है?
अध्ययनों से पता चलता है कि मसूड़ों से रक्तस्राव या सूजन-दर्द की समस्या अगर सामान्य उपचार से ठीक नहीं हो रही है तो इसपर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। एक सिद्धांत यह है कि आपके मसूड़ों के बैक्टीरिया आपके रक्तप्रवाह में प्रवेश कर सकते हैं और हृदय में सूजन पैदा करते हैं। मसूड़ों की बीमारी होने से स्ट्रोक की आशंका भी बढ़ सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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