डॉ. रिचा अस्थाना
(एमबीबीएस, एमडी), एम्स
डॉ अजीत सिंह ओबेरॉय
कैंसर रोग विशेषज्ञ
कोरोना वायरस की बढ़ती रफ्तार को रोकने के लिए सरकार ने वैक्सीनेशन अभियान और तेज कर दिया है। देश में 18 साल और उससे अधिक आयु के लोगों को भी टीके दिए जाने की शुरुआत हो चुकी है। इससे पहले 45 साल और उससे अधिक आयु के लोगों को टीके दिए जा रहे थे। मौजूदा समय में 45 साल से अधिक आयु के ज्यादातर लोगों को वैक्सीन की पहली डोज मिल चुकी है, कुछ लोग इसकी दूसरी डोज भी ले चुके हैं जबकि कुछ 28 दिनों का अंतराल पूरा होने की प्रतीक्षा में हैं। वैक्सीन की पहली डोज के बाद कुछ लोगों को इसके साइड-इफेक्ट के रूप में तेज बुखार और शरीर में दर्द का अनुभव हुआ था। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि क्या दूसरी डोज के बाद भी ऐसी दिक्कतें आ सकती हैं?
आइए इस बारे में विशेषज्ञों से जानते हैं।
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कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेना आवश्यक
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क्या दोनों डोज लेना जरूरी है?
कई लोगों के मन में यह सवाल भी आ रहा है कि, क्या वैक्सीन की एक खुराक लेने के बाद दूसरी भी जरूरी है? इस बारे में एम्स की डॉ. रिचा अस्थाना (एमबीबीएस, एमडी) कहती हैं कि जो लोग वैक्सीन की एक खुराक ले चुके हैं उन्हें दूसरी खुराक भी जरूर लेनी चाहिए। पहली डोज के बाद शरीर में वायरस के खिलाफ एंटीबॉडीज तो बन जाते हैं लेकिन वह उतने प्रभावी नहीं होते हैं। वैक्सीन की दूसरी खुराक देकर उन एंटीबॉडीज को बूस्ट किया जाता है। दूसरी डोज के बाद ही वैक्सीन की एफेकेसी 80 फीसदी के करीब की देखी गई है।
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कुछ लोगों को महसूस हो रहे हैं वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स
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वैक्सीन की पहली डोज के बाद दिखे थे साइड-इफेक्ट्स
कैंसर रोग विशेषज्ञ अजीत सिंह ओबेरॉय कहते हैं कि टीकाकरण की दूसरी खुराक को लेकर लोगों के मन में सवाल इसलिए हैं क्योंकि पहली खुराक के बाद कई लोगों में इसके साइड इफेक्ट्स देखे गए थे। लोगों को बुखार, जी मिचलाने, सिरदर्द, शरीर में दर्द, ठंड लगने, डायरिया और थकान जैसी दिक्कतें हो रही थीं। विशेषज्ञ कहते हैं कि वैक्सीन के बाद इस तरह की दिक्कतें होना सामान्य है, क्योंकि शरीर में जब कुछ बाहरी चीज प्रवेश करती है तो उसके खिलाफ प्रतिक्रिया होना आम बात है।
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कोरोना वायरस वैक्सीन से घबराएं नहीं
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क्या दूसरी डोज के बाद भी ऐसे साइड इफेक्ट्स हो रहे हैं?
डॉक्टर कहते हैं कि पहली डोज की तरह ही कुछ लोगों को कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी डोज के बाद भी दिक्कतें आ सकती हैं। वैक्सीन की दूसरी खुराक को अपेक्षाकृत ज्यादा प्रभावशाली माना जाता है ऐसे में यह उन लोगों को भी प्रभावित कर सकती है, जिन्हें पहली डोज के बाद किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई थी। अच्छी बात यह है कि दूसरी डोज लेने के बाद शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली वायरस के खिलाफ और अधिक मजबूत हो जाती है।
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बूस्टर के रूप में काम करती है वैक्सीन की दूसरी डोज
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दूसरी डोज न लेने से क्या हो सकता है?
इस संबंध में डॉ. रिचा कहती हैं कि वैक्सीन की दोनों खुराक लेने के बाद ही शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। दूसरी डोज को 'बूस्टर' के रूप में जाना जाता है। अब तक जिन लोगों को 'बूस्टर' की खुराक नहीं मिली है उन्हें अब भी वायरस से सुरक्षित नहीं माना जा सकता है।