हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को शरीर में कई प्रकार की गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण माना जाता है। इससे हार्ट अटैक से लेकर स्ट्रोक जैसी जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है। लाइफस्टाइल में गड़बड़ी को हाइपरटेंशन की बढ़ती समस्या का प्रमुख कारण माना जाता रहा है।
Pulmonary Hypertension: हाइपरटेंशन की इस समस्या में त्वचा का रंग पड़ जाता है नीला, जा सकती है जान
पल्मोनरी हाइपरटेंशन का बढ़ता जोखिम
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पल्मोनरी हाइपरटेंशन कुछ लोगों में गंभीर और जानलेवा भी हो सकती है, ऐसे में इसके खतरे को लेकर सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है। जिस तरह से हमारी लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी की समस्या बढ़ती जा रही है, इन रोगों का जोखिम भी बढ़ रहा है।
इससे बचाव के लिए जरूरी है कि हम निरंतर प्रयास करते रहें जिससे इसके जोखिमों को कम किया जा सके।
क्यों होती है पल्मोनरी हाइपरटेंशन की समस्या?
पल्मोनरी हाइपरटेंशन की समस्या विकसित होने के कई कारण हो सकते हैं। इसमें लाइफस्टाइल और आहार से संबंधित दिक्कतों के अलावा कुछ प्रकार के अंतर्निहित कारण जैसे जन्मजात हृदय रोग, कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हाई ब्लड प्रेशर, लिवर के रोग (सिरोसिस), फेफड़ों में रक्त के थक्के बनने जैसे स्थितियां शामिल हैं।
सामान्यतौर पर फेफड़ों में रक्त वाहिकाओं के माध्यम से हृदय के बाईं ओर आसानी से रक्त प्रवाहित होता है लेकिन फेफड़ों की धमनियों को लाइन करने वाली कोशिकाओं में परिवर्तन के कारण धमनी की दीवारें संकीर्ण, कठोर, सूज सकती हैं। ये परिवर्तन फेफड़ों के माध्यम से रक्त के प्रवाह को धीमा कर देते हैं, जिससे इस गंभीर रोग होने का खतरा कम हो सकता है।
पल्मोनरी हाइपरटेंशन के लक्षणों को जानिए
पल्मोनरी हाइपरटेंशन की स्थिति शरीर में कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। आमतौर पर इसके लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं और बीमारी बढ़ने के साथ इसका अधिक होने लग जाता है।
- व्यायाम करते समय सांस की तकलीफ होना।
- शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम होने के कारण त्वचा का रंग नीला या भूरा होना।
- त्वचा के रंग के आधार पर इन परिवर्तनों को आसानी से देखा जा सकता है।
- सीने में दबाव या दर्द महसूस होना।
- चक्कर आना या बेहोशी होना।
- दिल की धड़कन का बढ़ना और अधिक थकान महसूस होते रहना।
पल्मोनरी हाइपरटेंशन का इलाज और बचाव
पल्मोनरी हाइपरटेंशन का कोई इलाज नहीं है, हालांकि लक्षणों को सुधारने और इसके जोखिमों को कम करके जीवन की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए दवाइयों और कुछ प्रकार की थेरेपी की मदद ली जा सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाल में कुछ प्रकार के बदलाव की स्थिति इस रोग के जोखिमों को कम करने में मददगार हो सकती है।
साबुत अनाज, फल और सब्जियां, लीन मीट और कम वसा वाले डेयरी उत्पादों से भरपूर स्वस्थ आहार का सेवन करना हाइपरटेंशन के खतरे को कम कर सकता है। इसके अलावा जितना संभव हो उतना सक्रिय रहें और वजन नियंत्रित करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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