मेडिकल रिपोर्टस से पता चलता है कि वैश्विक स्तर पर लिंग आधिरत कई बीमारियों का जोखिम तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। महिलाओं में ऐसे ही कई रोगों के बढ़ते मामलों को लेकर विशेषज्ञ चिंतित हैं। कैंसर का जोखिम उनमें से एक है। शोधकर्ताओं की टीम ने पाया कि आनुवांशिकता के साथ-साथ लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण महिलाओं में कई प्रकार के कैंसर के मामले बढ़े हैं। स्तन कैंसर, सर्वाइकल और ओवेरियन कैंसर उनमें से एक है।
सेहत की बात: महिलाओं में बहुत कॉमन है ये कैंसर, इन शुरुआती लक्षणों पर दें ध्यान वरना बढ़ सकती है दिक्कत
ओवेरियन कैंसर के बारे में जानिए
ओवेरियन कैंसर, अंडाशय में होने वाली कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि की समस्या है। ये कोशिकाएं तेजी से बढ़ती हैं और स्वस्थ शरीर के ऊतकों पर आक्रमण कर उन्हें नष्ट कर सकती हैं। अक्सर इस कैंसर का पता तब चल पाता जब कि यह पेल्विर और पेट में फैल जाती हैं। कैंसर के निदान में जितनी देरी होगी इसका जोखिम उतना ही अधिक होता जाता है।
डॉक्टर्स ने इसके लिए कुछ शुरुआती संकेत बताए हैं जिसपर ध्यान देकर इस कैंसर के खतरे का पहले के चरणों में ही पता लगाया जा सकता है। आइए इन संकेतों के बारे में जानते हैं।
पेल्विक हिस्से और पेट में दर्द या ऐंठन
अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के शोधकर्ताओं ने बताया कि ओवेरियन कैंसर की स्थिति में ज्यादातर महिलाओं को शुरुआती स्थिति में पेल्विक हिस्से और पेट में दर्द या ऐंठन महसूस होता रह सकता है। पेल्विक में बढ़ने वाले ट्यूमर के कारण पेट के निचले हिस्से में दर्द होना बहुत आम है। हालांकि यह मासिक धर्म में होने वाली ऐंठन के समान है, इसलिए कई महिलाएं इन्हें अनदेखा कर देती हैं। अगर आपको अक्सर इस तरह की दिक्कत हो रही है तो इसपर गंभीरता से ध्यान दें।
बहुत तेज या बार-बार पेशाब की अनुभूति होना
कभी-कभी आपको बहुत तेज पेशाब करने की इच्छा महसूस हो सकती है, लेकिन पेशाब होता नहीं है। पेशाब करने की तीव्र इच्छा तब होती है जब अंडाशय की कैंसर कोशिकाएं मूत्राशय की दीवार के बाहर जमा हो जाती हैं या मूत्राशय को संकुचित कर देती हैं। बार-बार पेशाब आने की समस्या डायबिटीज और अन्य स्थितियों में भी बहुत सामान्य है, इसलिए इस लक्षण पर गंभीरता से गौर किया जाना चाहिए।
इन लक्षणों पर भी दें ध्यान
ओवेरियन कैंसर के कई संकेत और भी हैं। यदि बीमारी फैल गई है तो महिलाओं में लक्षण दिखने की अधिक संभावना होती है, लेकिन प्रारंभिक चरण में कुछ संकेतों पर ध्यान देकर इसकी शुरुआत में ही पहचान की जा सकती है।
- खाने में परेशानी होना या जल्दी पेट भरा हुआ महसूस होना।
- पेट की खराबी।
- पीठ दर्द।
- सेक्स के दौरान दर्द।
- कब्ज की समस्या बने रहना।
- मासिक धर्म में परिवर्तन, जैसे सामान्य से अधिक रक्तस्राव या अनियमित रक्तस्राव।
- वजन कम होने के साथ पेट (पेट) में सूजन
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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