कैल्शियम का नाम आते ही सबसे पहले हड्डियों और दूध का ख्याल आता है। लेकिन शरीर में कैल्शियम का काम सिर्फ हड्डियों को मजबूत बनाना नहीं है। दांतों की मजबूती, मांसपेशियों के सही तरीके से काम करने और दिल की धड़कन को सामान्य रखने में भी इसकी अहम भूमिका होती है। इसलिए बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों, हर उम्र में शरीर को पर्याप्त कैल्शियम मिलना जरूरी है।
हेल्थ मंत्र: कैल्शियम की कमी से क्या-क्या दिक्कतें होती हैं? हड्डियों की मजबूती के अलावा भी इसके कई फायदे
कैल्शियम हड्डियों और दांतों की मजबूती के साथ मांसपेशियों और दिल की सामान्य कार्यप्रणाली के लिए भी जरूरी है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। शरीर कैल्शियम को बेहतर तरीके से अवशोषित कर सके, इसके लिए विटामिन-डी भी जरूरी है। दूध, दही, पनीर, बादाम और हरी सब्जियां अच्छे स्रोत हैं।
कैल्शियम के साथ विटामिन-डी भी जरूरी
कैल्शियम हड्डियों के निर्माण और उनकी मजबूती बनाए रखने में मदद करता है। वहीं विटामिन-डी शरीर को खाने से मिले कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है। यानी दोनों पोषक तत्व एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
- अगर आपके आहार में कैल्शियम पर्याप्त है, लेकिन शरीर में विटामिन-डी की कमी है, तो कैल्शियम का अवशोषण प्रभावित हो सकता है।
- इसलिए हड्डियों को मजबूत रखने के लिए खानपान में कैल्शियम के साथ विटामिन-डी की पर्याप्त मात्रा पर भी ध्यान देना चाहिए।
कैल्शियम के लिए सिर्फ दूध पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। बादाम भी इसका अच्छा स्रोत है। करीब 28 ग्राम बादाम से रोज की कैल्शियम जरूरत का लगभग 6 प्रतिशत मिल सकता है। इसमें फाइबर, प्रोटीन और स्वस्थ वसा भी होती है। बादाम को नाश्ते में या दूध के साथ लिया जा सकता है। हालांकि, इसे सीमित मात्रा में खाना बेहतर है क्योंकि इसमें कैलोरी भी काफी होती है।
दूध, दही और पनीर को डाइट में रखें
- दूध और उससे बने खाद्य पदार्थ कैल्शियम के सबसे आसान स्रोतों में शामिल हैं। दूध, दही और पनीर को अपनी रोज की डाइट में शामिल करके कैल्शियम की जरूरत पूरी करने में मदद मिल सकती है। बच्चों की बढ़ती उम्र में कैल्शियम खास तौर पर जरूरी होता है, जबकि उम्र बढ़ने के साथ भी हड्डियों की मजबूती बनाए रखने के लिए इसका पर्याप्त सेवन जरूरी रहता है।
हरी सब्जियां और कुछ फल भी मददगार
- अगर आप कैल्शियम के लिए सिर्फ डेयरी उत्पादों पर निर्भर नहीं रहना चाहते तो हरी पत्तेदार सब्जियों को भी प्लेट में जगह दें। पालक, गोभी और कोलार्ड जैसी सब्जियों में कैल्शियम पाया जाता है। इसके अलावा अंजीर और संतरे जैसे कुछ खाद्य पदार्थ भी डाइट में शामिल किए जा सकते हैं। अलग-अलग तरह के पौष्टिक खाद्य पदार्थ खाने से शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और संतुलित आहार बनाए रखने में मदद मिलती है
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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