Remedies to Get Rid of Morning Stiffness: क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि सुबह आंख खुलने के बाद बिस्तर से उठते ही शरीर भारी और जकड़ा हुआ महसूस होता है? हाथ-पैरों को हिलाने में दर्द होता है और सामान्य होने में काफी समय लग जाता है? इस स्थिति को चिकित्सा भाषा में 'मॉर्निंग स्टिफनेस' कहा जाता है।
Health Tips: सुबह उठने के बाद देर तक बनी रहती है मांसपेशियों में जकड़न, जान लें इसके पीछे का मूल कारण
Morning Muscle Stiffness : अक्सर लोगों को सुबह उठने के बाद काफी देर तक शरीर में आलस रहता है। ऐसे में अच्छे से दिन की शुरुआत होने में बहुत देर हो जाती है। ऐसा होने के पीछे कई कारण हो सकती हैं, मगर कई बार दिनचर्या की कुछ गलतियां भी इस समस्या को ट्रिगर कर देती है, आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
हाइड्रेशन और पोषक तत्वों की भारी कमी
मांसपेशियों में जकड़न का एक प्रमुख कारण शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी है। रात भर बिना पानी के रहने से मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं। इसके अलावा, विटामिन-D और मैग्नीशियम की कमी नसों और मांसपेशियों के बीच के सिग्नल को बाधित करती है। अगर शरीर में इन पोषक तत्वों का लेवल कम है, तो सुबह उठते ही आपको मांसपेशियों में खिंचाव और तीव्र दर्द का अनुभव हो सकता है।
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गलत स्लीपिंग पोस्चर और खराब गद्दा
कभी-कभी समस्या आंतरिक नहीं बल्कि बाहरी होती है। अगर आपका गद्दा बहुत पुराना है या आपका सोने का तरीका सही नहीं है, तो रीढ़ की हड्डी और गर्दन की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। गलत पोस्चर रात भर ब्लड सर्कुलेशन को बाधित करता है, जिससे सुबह उठने पर मांसपेशियों में 'जाम' महसूस होता है। सोते समय तकिए की ऊंचाई और गद्दे की कठोरता का सही रखना बहुत जरूरी है।
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सूजन और ऑटोइम्यून समस्याओं का असर
जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली स्वस्थ ऊतकों पर हमला करने लगती है, तो जोड़ों में सूजन आ जाती है। रुमेटॉयड अर्थराइटिस के मरीजों में सुबह की जकड़न सबसे आम लक्षण है। इसके अलावा अधिक तनाव के कारण शरीर में 'कोर्टिसोल' हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है, जो मांसपेशियों में तनाव को जन्म देता है। अगर जकड़न के साथ जोड़ों में लालिमा या गर्माहट महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें, डॉक्टर को दिखाकर इसका इलाज कराएं।
मॉर्निंग स्टिफनेस से बचने के लिए रात को हल्का भोजन करें और सोने से पहले थोड़ा गुनगुना पानी पिएं। सुबह उठते ही बिस्तर पर ही हल्के 'स्ट्रेचिंग' व्यायाम करें और धूप में 15 मिनट बिताएं ताकि विटामिन-D मिल सके। अगर ये उपाय काम न करें, तो एक विशेषज्ञ से सलाह लें। ध्यान रखें समय रहते इसे समझना ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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