फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बड़ी चिंता: कोरोना महामारी के दौरान हुई चूक के दिखने लगे दुष्प्रभाव, बच्चों में बढ़े इस संक्रामक बीमारी के केस

Thu, 07 Mar 2024 12:29 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 07 Mar 2024 12:29 PM IST
विज्ञापन
Measles infection risk in indian children 11 lakh missed measles shot in 2022 in hindi
बच्चों में खसरा के बढ़ते मामले - फोटो : istock

कोरोना महामारी ने वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। महामारी के दौरान कोरोनावायरस के कई वैरिएंट्स ने जहां लोगों में गंभीर रोगों का खतरा बढ़ा दिया था, वहीं संक्रमण से ठीक हो चुके लाखों लोगों में एक साल से अधिक समय तक लॉन्ग कोविड के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं देखी जा रही हैं।



हालिया रिपोर्ट्स में डॉक्टर्स ने चिंता जताते हुए बताया है कि संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों में पोस्ट कोविड के कारण हार्ट, फेफड़े और मस्तिष्क से संबंधित कई प्रकार की दिक्कतें देखी जा रही हैं। महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं भी काफी प्रभावित हुई थीं, हालिया रिपोर्ट्स में अब इसके वैश्विक दुष्प्रभाव दिखने शुरू हो गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स में इन दिनों दुनियाभर में खसरे के बढ़ते खतरे को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। खसरा मुख्यरूप से बच्चों में होने वाली संक्रामक बीमारी है, जिसके कारण गंभीर स्वास्थ्य जटिलताएं बढ़ सकती हैं। अध्ययनकर्ता बताते हैं, महामारी के दौरान बढ़े स्वास्थ्य दबाव के चलते बच्चों में टीकाकरण काफी प्रभावित हुआ था, जिसके कारण भारत, अमेरिका सहित कई देशों में बच्चों में इस रोग के मामले काफी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं।

Measles infection risk in indian children 11 lakh missed measles shot in 2022 in hindi
measles in india - फोटो : Amarujala

महामारी के दौरान टीकाकरण में हुई बड़ी चूक

भारत, दशकों से इस गंभीर बीमार से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक रहा है, हालांकि टीकाकरण को बढ़ावा देकर इस रोग के जोखिमों को पिछले वर्षों में काफी कम कर दिया गया था। 

आंकड़ों के मुताबिक साल 2017 से 2021 के बीच भारत में खसरे के मामलों में 62% की गिरावट आई, इस दौरान प्रति दस लाख जनसंख्या पर 10.4 से घटकर 4 मामले रह गए थे। हालांकि महामारी के दौरान राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान पर भी असर देखा गया जिसमें बड़ी संख्या में बच्चे खसरे के टीके से चूक गए। लिहाजा देश के कई हिस्सों से पिछले दिनों बच्चों में खसरा के मामले बढते हुए रिपोर्ट किए जा रहे हैं।

Measles infection risk in indian children 11 lakh missed measles shot in 2022 in hindi
बच्चों में खसरा के मामले - फोटो : pixabay

भारत में बच्चों में संक्रमण का जोखिम

हालिया रिपोर्ट्स में मध्य प्रदेश के मैहर जिले में खसरे से दो बच्चों की मौत और 15 से अधिक लोगों में संक्रमण की खबरें हैं। जिले में खसरा के बढ़ते जोखिमों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं भारत पहले भी खसरा महामारी झेल चुका है, अगर इसपर समय रहते कंट्रोल न किया गया तो बच्चों में गंभीर स्वास्थ्य समस्या विकसित होने का खतरा हो सकता है। भारत में खसरा की महामारी को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है।

भारत में खसरा के टीकाकरण को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट और भी चिंता बढ़ा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Measles infection risk in indian children 11 lakh missed measles shot in 2022 in hindi
छोटे बच्चों में खसरा का बढ़ता जोखिम - फोटो : Pixabay

11 लाख से अधिक बच्चे टीकाकरण से चूके

डब्ल्यूएचओ और यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में भारत में अनुमानित 11 लाख बच्चे खसरे के टीके की अपनी महत्वपूर्ण पहली खुराक लेने से चूक गए। यह भारत को उन 10 देशों में शामिल करता है जहां ऐसे बच्चों की संख्या सबसे अधिक है जिन्हें पहला टीका नहीं मिला। 

रिपोर्ट के अनुसार, भारत उन 37 देशों में है, जहां पहले भी खतरे के गंभीर प्रकोप देखे गए हैं। साल 2022 में देश में 40,967 खसरे के मामले दर्ज किए गए थे। विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि चूंकि बड़ी संख्या में बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पाया है ऐसे में आने वाले महीनों में इसके मामले और भी बढ़ने का खतरा हो सकता है। 

विज्ञापन
Measles infection risk in indian children 11 lakh missed measles shot in 2022 in hindi
खसरा का बढ़ता प्रकोप - फोटो : Pixabay

बच्चों में खसरा और इसके जोखिम

खसरा, बच्चों में होने वाला संक्रामक रोग है, जिसमें त्वचा पर लाल, धब्बेदार दाने होने लगते हैं। संक्रमण में दानों के साथ बुखार, सूखी खांसी, नाक बहने, गला खराब होने और कुछ बच्चों में कंजंक्टिवाइटिस की भी समस्या देखी जाती रही है। गंभीर स्थितियों में इसके जानलेवा दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं जिसको लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहना जरूरी है।

खसरे का टीकाकारण भविष्य में आपको इस गंभीर रोग और इसके कारण होने वाली गंभीरता से बचाने में मदद कर सकती है। चिकनपॉक्स (वैरिसेला) वैक्सीन, मेसल्स मम्प्स रुबेला (एमएमआरवी) टीके की मदद से बच्चों में इस संक्रामक रोग के जोखिमों से बचाया जा सकता है। 



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed