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Vitamin E Deficiency: शरीर में विटामिन ई की कमी से इन बीमारियों का बढ़ जाता है खतरा, समय रहते हो जाएं सतर्क

Tue, 15 Jul 2025 06:03 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिखर बरनवाल Updated Tue, 15 Jul 2025 06:03 PM IST
सार

विटामिन ई की कमी से शरीर में कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, विटामिन ई की कमी आमतौर पर ज्यादा देखने को नहीं मिलती, लेकिन जब ऐसा होता है तो इसके परिणाम काफी गंभीर हो सकते हैं। इसलिए आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।

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lack of vitamin E in the body increase the risk of these diseases know in detail
हाथों में झनझनाहट - फोटो : Adobe Stock

Lack of Vitamin E : हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई पोषक तत्वों की जरूरत होती है, और इन्हीं में से एक बेहद खास है विटामिन ई। इसे सिर्फ एक साधारण विटामिन न समझें, यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो हमारे शरीर की कोशिकाओं को रोजाना होने वाले नुकसान से बचाने में अहम भूमिका निभाता है। यह हमारी त्वचा को चमकदार, हृदय को स्वस्थ और रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) को मजबूत बनाए रखने के लिए भी बेहद जरूरी होता है।



हालांकि, विटामिन ई की कमी आमतौर पर ज्यादा देखने को नहीं मिलती, लेकिन जब ऐसा होता है तो इसके परिणाम काफी गंभीर हो सकते हैं। विशेषज्ञ के मुताबिक, इसकी कमी से हमारे तंत्रिका तंत्र, मांसपेशियों और यहां तक कि आंखों पर भी बुरा असर पड़ सकता है। समय रहते इसकी पहचान करना और सही इलाज करवाना, इन गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है। आइए इस लेख में हम विटामिन ई के महत्व, इसकी कमी के संकेतों और इसे पूरा करने के तरीकों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

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पाचन तंत्र - फोटो : Freepik.com

विटामिन ई की कमी के कारण
विटामिन ई की कमी आमतौर पर असंतुलित आहार, पाचन संबंधी विकार या कुछ चिकित्सीय स्थितियों के कारण होती है। क्रोहन रोग, सिस्टिक फाइब्रोसिस या लिवर की बीमारियां शरीर में विटामिन ई के अवशोषण को प्रभावित करती हैं। कम फैट वाला आहार भी इसकी कमी का कारण बन सकता है, क्योंकि विटामिन ई फैट में घुलनशील होता है। शाकाहारी लोग जो नट्स, बीज या तेलों का सेवन कम करते हैं, उनमें ये कमी अधिक देखने को मिलती है।


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कमजोरी - फोटो : Freepik.com

विटामिन ई की कमी से होने वाली बीमारियां
विटामिन ई की कमी से तंत्रिका तंत्र प्रभावित हो सकता है, जिससे मांसपेशियों में कमजोरी, चलने में कठिनाई और झनझनाहट जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह दृष्टि को भी प्रभावित करता है, जिससे रोशनी धुंधली हो सकती है। लंबे समय तक कमी रहने पर हृदय रोग और प्रजनन संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। साथ ही मांसपेशियों में कमजोरी, कमजोर इम्युनिटी और एनीमिया भी हो सकता है।


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डॉक्टर से सुझाव - फोटो : Freepik.com

लक्षण
विटामिन ई की कमी के लक्षणों में थकान, मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी, त्वचा का रूखापन और बार-बार बीमार पड़ना शामिल है। गंभीर मामलों में न्यूरोलॉजिकल लक्षण, जैसे संतुलन की कमी या कंपकंपी, दिख सकते हैं। इसकी पुष्टि के लिए रक्त जांच, जैसे सीरम विटामिन ई टेस्ट, की जाती है। डॉक्टर विटामिन ई कमी की वजह जानने के लिए मरीज की पुरानी बीमारियों और उसकी खाने-पीने की आदतों की भी जांच करते हैं।

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बादाम - फोटो : Adobe Stock
इन चीजों को डाइट में करें शामिल
विटामिन ई की कमी को रोकने के लिए आहार में बादाम, मूंगफली, सूरजमुखी के बीज, पालक, एवोकाडो और वनस्पति तेल शामिल करें। ये खाद्य पदार्थ विटामिन ई के प्राकृतिक स्रोत हैं। गंभीर कमी होने पर डॉक्टर विटामिन ई सप्लीमेंट्स सुझा सकते हैं। यदि लक्षण दिखें, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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