फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Health & Fitness ›   try these 20 seconds five quick yet effective ways to reduce stress and bring peace to your mind

20-30 मिनट नहीं, बस 20 सेकंड: तनाव घटाने के लिए आजमाएं ये पांच छोटे लेकिन असरदार तरीके, जो देंगे मन को सुकून

Sun, 20 Sep 2026 06:41 PM IST
प्रशांत तिवारी अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sun, 20 Sep 2026 06:41 PM IST
सार

मानसिक स्वास्थ्य के लिए हमेशा लंबा समय निकालना संभव नहीं होता। ऐसे में 20–30 सेकंड के छोटे-छोटे माइक्रो ब्रेक दिन की भागदौड़ के बीच शरीर और दिमाग को थोड़ी राहत देने का आसान तरीका हो सकते हैं।

विज्ञापन
try these 20 seconds five quick yet effective ways to reduce stress and bring peace to your mind
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव कम करने के लिए अक्सर मेडिटेशन, योग या एक्सरसाइज के लिए लंबा समय निकालने की सलाह दी जाती है। लेकिन अगर आपके पास 20–30 मिनट भी नहीं हैं, तो क्या किया जाए।बीबीसी की हेल्थ रिपोर्ट के मुताबिक इसका जवाब कुछ बेहद छोटे अभ्यासों में मिल सकता है। इन्हें माइक्रोप्रैक्टिस कहा जा रहा है और इनमें से कुछ अभ्यास सिर्फ 20–30 सेकंड में किए जा सकते हैं।इन छोटे अभ्यासों का मकसद किसी बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि रोजमर्रा के तनाव के बीच शरीर और दिमाग को थोड़ी देर के लिए शांत करना है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, इन्हें दिन में कई बार छोटे ब्रेक की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

विज्ञापन


1.30 सेकंड हंसी का अभ्यास
हंसी योग यानी लाफ्टर योग में किसी चुटकुले या मजेदार घटना का इंतजार नहीं किया जाता। इसमें जानबूझकर हंसने की शुरुआत की जाती है। शुरुआत में यह कुछ लोगों को अजीब लग सकता है, लेकिन लगातार कुछ देर ऐसा करने पर नकली हंसी वास्तविक हंसी में बदल सकती है।नीदरलैंड्स की डेल्फ्ट यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी की शोधकर्ता नताली वान डर वाल के अनुसार लाफ्टर योग के बाद लोगों को दूसरों से जुड़ना आसान महसूस हो सकता है।उनके एक मेटा-एनालिसिस में गैर-हास्य आधारित हंसी को चिंता और अवसाद के लक्षणों में कमी से जोड़ा गया।हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हंसी योग मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज है।
विज्ञापन


कैसे करें: तीन गहरी सांस लें। पेट पर हाथ रखें और धीरे-धीरे 'ही-ही-ही, हा-हा-हा' से हंसना शुरू करें। आवाज धीरे-धीरे बढ़ाएं। करीब 20–30 सेकंड बाद एक गहरी सांस लें और किसी ऐसी चीज के बारे में सोचें जिसके लिए आप आभारी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


2.सिर्फ 15–30 सेकंड का माइक्रो योग
जो लोग घंटों कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन के सामने बैठते हैं, उनके लिए छोटा स्ट्रेचिंग ब्रेक खास उपयोगी हो सकता है। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने से गर्दन, कंधों और पीठ पर तनाव बढ़ सकता है।इस रिपोर्ट में जिस शोध का उल्लेख किया गया है, उसमें हर 15 मिनट में सिर्फ 15–30 सेकंड स्ट्रेचिंग करने को उत्पादकता में लगभग 15% सुधार से जोड़ा गया। हालांकि यह अध्ययन सीधे माइक्रो योग का प्रमाण नहीं है, लेकिन छोटे मूवमेंट ब्रेक के संभावित लाभ की ओर संकेत करता है।

कैसे करें: दोनों हाथों की उंगलियां पीठ के पीछे आपस में फंसा लें। सांस लेते हुए हाथों को नीचे की ओर फैलाएं और छाती को हल्का ऊपर उठाएं। सांस छोड़ते हुए शरीर को ढीला छोड़ें। 2–3 धीमी सांसों तक इस मुद्रा में रहें।अगर किसी को चोट, दर्द या कोई स्वास्थ्य समस्या है तो नया व्यायाम शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

3.सिर्फ तीन धीमी गहरी सांसें
तनाव या बेचैनी के समय शरीर का फाइट या फ्लाइट सिस्टम सक्रिय हो जाता है। धीमी और गहरी सांसें शरीर के पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करने में मदद कर सकती हैं, जो शरीर की आराम और पाचन वाली अवस्था से जुड़ा है।एक हालिया अध्ययन में तीन धीमी गहरी सांसों के बाद मस्तिष्क की अल्फा और थीटा तरंगों में बदलाव देखा गया। अल्फा तरंगों को शांत और केंद्रित ध्यान से, जबकि थीटा तरंगों को गहरे आराम से जोड़ा जाता है।इटली की यूनिवर्सिटी ऑफ नेपल्स फेडेरिको-2 के शोधकर्ता अमित कुमार के अनुसार इस तकनीक को तनाव महसूस होने पर ऑफिस, मीटिंग से पहले या उस समय अपनाया जा सकता है जब विचार लगातार दौड़ रहे हों।

कैसे करें: आराम से बैठें और आंखें बंद कर लें। तीन धीमी गहरी सांस लें। प्रत्येक सांस करीब 10 सेकंड की हो और सांस छोड़ने का समय सांस लेने से थोड़ा लंबा रखें। अपना ध्यान हवा के अंदर जाने और बाहर निकलने पर रखें।

4.20 सेकंड का सेल्फ-कम्पैशन टच
तनाव के समय हम अक्सर दूसरों से सहानुभूति की उम्मीद करते हैं, लेकिन खुद के प्रति नरमी बरतना भूल जाते हैं। इसी विचार पर आधारित है सेल्फ-सूथिंग टच।रिपोर्ट के अनुसार एक अध्ययन में प्रतिभागियों ने अपने हाथ दिल और पेट के ऊपर रखे और खुद के प्रति दयालु विचारों पर ध्यान दिया। सिर्फ 20 सेकंड के इस अभ्यास को करने वाले लोगों में नियंत्रण समूह की तुलना में तनाव से जुड़े हार्मोन कॉर्टिसोल का स्तर कम पाया गया।बाद के अध्ययन में अभ्यास की अधिक आवृत्ति को छह महीने बाद आत्म-सहानुभूति की भावनाओं में अधिक सुधार से जोड़ा गया।

कैसे करें: एक या दोनों हाथों को छाती या ऊपरी बांहों पर धीरे से रखें। सांस लें और हाथों की गर्माहट व हल्के दबाव पर ध्यान दें। मन में अपने लिए दयालु और सकारात्मक शब्द दोहराएं।

5.रोजमर्रा के काम को बनाएं माइंडफुल ब्रेक
तनाव कम करने के लिए अलग से मेडिटेशन करने का समय निकालना हमेशा जरूरी नहीं है। रोजमर्रा के कामों के दौरान भी कुछ सेकंड के लिए अपने ध्यान को वर्तमान क्षण पर लाया जा सकता है।मसलन, चलते समय अपने कदमों पर ध्यान देना, बर्तन धोते समय सांसों पर ध्यान देना या काम के बीच कुछ धीमी सांसें लेना। ऐसे छोटे ब्रेक व्यक्ति को लगातार तनाव जमा होने से रोकने में मदद कर सकते हैं।


ये भी पढ़ें: टाटा संस में बढ़ी तकरार: चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति पर ट्रस्ट्स ने खोला मोर्चा, बोले- नहीं बदल सकते नियम

जरूरी नहीं कि सभी अभ्यास करें
शोधकर्ताओं के मुताबिक हर व्यक्ति के लिए एक ही अभ्यास या उसकी एक ही खुराक काम करे, यह जरूरी नहीं है।इसलिए इन सभी तकनीकों को एक साथ अपनाने की जरूरत नहीं है।आप इनमें से किसी एक को चुन सकते हैं,जैसे हर 15–20 मिनट में छोटा स्ट्रेच, तनाव के समय तीन धीमी सांसें या दिन में एक बार 20 सेकंड का सेल्फ-कम्पैशन टच।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन्हें जीवनशैली में आसानी से शामिल किया जा सके। ये छोटे अभ्यास तनाव और मानसिक थकान से निपटने में मददगार हो सकते हैं, लेकिन गंभीर या लगातार बनी रहने वाली चिंता, अवसाद अथवा अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए पेशेवर चिकित्सकीय मदद लेना जरूरी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed