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विशेषज्ञ से जानें: क्यों जरूरी है प्लाजमा दान? कैसे करें और किन बातों का रखें ध्यान?

Fri, 23 Apr 2021 02:26 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला Published by: Abhilash Srivastava Updated Fri, 23 Apr 2021 02:26 PM IST
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जानें प्लाजमा डोनेशन से संबंधित सभी जानकारियां - फोटो : social media

डॉ तुलिक चंद्रा


ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विशेषज्ञ


कोरोना के मामले देशभर में तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। कोरोना की इस दूसरी लहर में ज्यादातर रोगियों को बचाने के लिए डॉक्टरों को प्लाजमा की जरूरत महसूस हो रही है, लेकिन तमाम ऐसे कारण हैं जिसके चलते रोगी को समय पर प्लाजमा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। प्लाजमा डोनेट करने को लेकर लोगों को मन में तरह-तरह के भ्रम और सवाल हैं, जैसे- क्या प्लाजमा डोनेट करना सुरक्षित है? डोनेशन के बाद डोनर को दोबारा से संक्रमण हो सकता है आदि। इसी भ्रम के कारण योग्य डोनर भी प्लाजमा डोनेशन करने से कतरा रहे हैं।
आपके इसी भ्रम को दूर करने के लिए हमने इस बारे में लखनऊ में ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, विशेषज्ञ डॉ तुलिक चंद्रा से बात करके प्लाजमा डोनेशन से संबंधित सभी जरूरी सवालों के जवाब जानने की कोशिश की।  

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प्लाज्मा थेरेपी से बच सकती है लोगों की जान - फोटो : PTI

कौन कर सकता है प्लाजमा डोनेट?
डॉ तुलिक कहती हैं कि लोगों के मन में इससे संबंधित तरह-तरह के भ्रम हैं। इसका जवाब यह है कि जो मरीज कोविड संक्रमण से स्वस्थ होकर घर लौट आए हैं उनके अंदर एक ऐसी प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है जो कोरोना वायरस के लिए ढाल के रूप में काम करती है। ऐसे व्यक्ति दूसरे लोगों की जान बचा सकते हैं। ठीक होने के 14 दिन बाद और अधिकतम 4 महीने तक आप प्लाजमा दान कर सकते हैं। 

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प्लाजमा थेरपी - फोटो : पेक्सेल्स

रक्त और प्लाजमा डोनेशन में क्या अंतर है?
डॉ तुलिक बताती हैं कि दोनों प्रक्रिया अलग हैं। रक्त दान के दौरान सभी आवश्यक जांचों के बाद डोनर से रक्त लिया जाता है, ऐसे ही प्लाजमा डोनेशन मे भी  होता है। हालांकि इसमें प्लाजमा पेरिसिस की विधि में एक मशीन के माध्यम से प्रक्रिया की जाती है। ब्लड बैंक हमेशा डोनर के स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखते हुए ही सभी प्रक्रियाओं को करते हैं।

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प्लाज्मा डोनेशन करने से डरें नहीं - फोटो : social media

कौन कर सकते हैं प्लाजमा डोनेशन?
नियमों के मुताबिक कोविड संक्रमण से ठीक होकर लौटा 18 से 60 वर्ष का व्यक्ति जिसका वजन 50 किलो से कम न हो, वह प्लाजमा डोनेट कर सकता है। डोनेशन से पहले उसकी पूरी जांच की जाती है। व्यक्ति के हिमोग्लोबीन की मात्रा 12 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए, साथ ही वह किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त नहीं होना चाहिए। इसके अलावा यदि आपने वैक्सिनेशन करा लिया है तो इसके 28 दिनों बाद ही आप प्लाजमा डोनेट कर सकते हैं। 

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प्लाजमा डोनेशन के भ्रमों से दूर रहें - फोटो : पीटीआई

किन बातों के रखना होता है ध्यान?
डॉ तुलिका के मुताबिक प्लाजमा डोनेशन के लिए खाली पेट न जाए। ध्यान रहे, डोनेशन के 48 घंटे पहले तक  शराब का सेवन नहीं किया होना चाहिए। इसके अलावा उस व्यक्ति की कोई एंटीबायोटिक दवाएं नहीx चल रही होनी चाहिए। प्लाजमा डोनेट करने के दो हफ्ते बाद फिर से आप डोनेट कर सकते हैं लेकिन इसके लिए दोबारा से पूरी जांच की जाती है।

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