कान में होने वाला दर्द अक्सर कई कारणों से होता है। यह एक ऐसी समस्या है जो कान के अंदरूनी हिस्से में होती है। इसका सामान्य कारण सूजन या संक्रमण हो सकता है। आमतौर पर यह समस्या बच्चों में अधिक होती है। इसके कोई गंभीर संकेत या लक्षण नहीं होते।
2 of 5
डॉक्टर पंकज श्रीवास्तव
- फोटो : amar ujala
कान में दर्द होेेने पर जलन जैसा अनुभव होता है, जो आता-जाता रहता है और स्थिर भी हो सकता। आमतौर पर लोग कान में तेल गर्म कर डाल देते हैं। ऐसा कतई न करें। डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. पंकज श्रीवास्तव बता रहे हैं कि कान में दर्द कब होता है, क्यों होता है और इसके लिए क्या करना चाहिए।
बच्चों में होती है सबसे ज्यादा समस्या
कान का दर्द संक्रमण या चोट के कारण हो सकता है। इसमें बाहरी कान दर्द कर सकता है या फिर कान में कोई कीड़ा या रूई जैसी वस्तु प्रवेश कर जाए तो कान में दर्द शुरू हो जाता है। शरीर के किसी अन्य हिस्सों में होने वाले दर्द के कारण भी कान दर्द हो सकता है। यदि आपके दांत में कैविटी के कारण दर्द हो रहा है तो इसे कान में दर्द संभव है। दांतों से जुड़े अन्य कारण भी कान दर्द का कारण होते हैं। यदि दांतों में दर्द है, फोड़ा है तो कान दर्द हो सकता है। जब बच्चों के दांत निकलते हैं तब भी कान में दर्द हो सकता है। कान में कुछ फंसने पर दर्द हो सकता है। यदि गले में दर्द या टॉन्सिलाइटिस है तो कान में दर्द होता है। वैक्स जमा होने पर कान में दर्द होता है।
डॉक्टर की सलाह से ही लें दवा
इन दिनों मौसम में नमी है, ऐसे में फफूंदी पनपने लगती है और कान बहने लगता है। ऐेसे में किसी विशेषज्ञ से सलाह लें। नहाने के बाद कान साफ कर लें। बड्स से साफ करें ताकि जो पानी है वो सूख जाएगा। बच्चों के कान में थोड़ी मोटी बड्स डालें, अन्यथा कान का पर्दा फटने का डर रहता है। यदि जुकाम हुआ है तो मिडिल ईयर में दिक्कत हो सकती है। भारीपन, ऊंचा सुनाई देना जैसी समस्या होगी। भाप ले सकते हैं, लेकिन दवा अपने मन से कतई न डालें, किसी डॉक्टर की सलाह लें।
इसके अलावा कान में यदि फुंसी है तो वो ऊपर से दिखाई देगी, इससे कान का छेद छोटा लगेगा और दर्द होगा। कान दर्द में तेल डालना ठीक नहीं, हां सामान्य स्थिति में हफ्ते में एक बार तेल डाला जा सकता है। आमतौर पर लोग दर्द की दवा खुद लेकर डाल लेते हैं, यह नुकसान कर सकती है। किसी विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही दवा डालें।