अध्ययन में दावा: डायबिटीज रोगियों के लिए रामबाण है यह औषधि, हृदय और किडनी रोगों में भी दिखे लाभ
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डायबिटीज में तुलसी की पत्तियों के लाभ
प्राचीन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में तुलसी के पत्तों से होने वाले तमाम तरह के लाभ का जिक्र मिलता है। आधुनिक मेडिकल चिकित्सा भी इन फायदों के बारे में जानने के लिए अध्ययन कर रही है। इसी से संबंधित "मैकेडोनियन जर्नल ऑफ मेडिकल साइंटिस्ट्स" में प्रकाशित एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने तुलसी के फायदों के बारे में बताया है। मधुमेह में तुलसी के फायदों को जानने के लिए शोधकर्ताओं ने डायबिटिक चूहों पर अध्ययन किया। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि तुलसी की पत्तियां ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में सहायक हो सकती हैं।
अध्ययन में क्या पता चला?
अध्ययन के लिए चूहों को तुलसी का अर्क देने से पहले उनके ब्लड शुगर की जांच की। चार सप्ताह तक किए गए इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि तुलसी का अर्क ब्लड ग्लूकोज के स्तर को कम करने में काफी सहायक हो सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि तुलसी की पत्तियों में पाया जाने वाला इथेनॉल, ब्लड शुगर को तेजी से कम करने में कारगर है। एक महीने तक चले इस अध्ययन के अंत में वैज्ञानिकों ने चूहों के ब्लड शुगर स्तर में 26.4 प्रतिशत की कमी देखी।
तुलसी की पत्तियों के फायदे
अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि तुलसी की पत्तियां मेटाबॉलिक स्ट्रेस को लक्षित करती हैं जो वजन घटाने और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में भी सहायता कर सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि तुलसी की पत्तियों में हाइपोग्लाइकेमिक गुण होते हैं, जो रक्त शर्करा के स्तर और मधुमेह की जटिलताओं को कम करने में भी मदद कर सकते हैं। कुछ और अध्ययनों में वैज्ञानिकों ने पाया था कि तुलसी की पत्तियों का सेवन अग्नाशयी बीटा-सेल फ़ंक्शन और इंसुलिन स्राव के स्तर में भी सुधार कर सकती है।
तुलसी को लेकर अन्य अध्ययन
एमएस यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा के खाद्य एवं पोषण विभाग द्वारा किए गए ऐसे ही एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि तुलसी के पत्तों के पाउडर का एक महीने तक सेवन रक्त शर्करा, यूरोनिक एसिड, अमीनो एसिड, कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड और फॉस्फोलिपिड के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है। यह किडनी और हृदय रोगों के कारकों को कम करके कई तरह से खतरों से सुरक्षा देने में भी सहायक हो सकता है। टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को कम करने के लिए इसका नियमित सेवन किया जा सकता है।
अस्वीकरण नोट: यह लेख अमेरिकी स्वास्थ्य और मानव विज्ञान विभाग द्वारा साझा की गई जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं।