स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, योगासनों की आदत हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। तमाम अध्ययनों में इससे होने वाले शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ के बारे में पता चलता है। स्ट्रेस-डिप्रेशन जैसी मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से लेकर ब्लड प्रेशर, शुगर लेवल और थकान-कमजोरी को दूर करने तक के लिए योग से होने वाले फायदों का जिक्र मिलता है।
International Yoga Day 2023: योग से अब तक के सबसे बड़े फायदे का दावा, इस जानलेवा रोग से बचाव में असरदार
योग से कम हो सकता है कैंसर का खतरा
शोधकर्ताओं ने बताया, योग से हृदय रोगों और डायबिटीज के जोखिमों को कम करने वाले परिणाम देखे गए हैं। पर इस शोध में पाया गया है कि यह कैंसर रोगियों में थकान को कम करने और बीमारी के फैलने, वापस आने या मृत्यु के जोखिम तक को कम कर सकता है। यदि आप रोजाना 30 मिनट वॉकिंग और योग का अभ्यास करते हैं तो इससे कैंसर जैसे गंभीर रोगों से संबंधित खतरों को भी कम किया जा सकता है।
अध्ययन में दिखे बेहतर परिणाम
दुनिया के सबसे बड़े कैंसर सम्मेलन अमेरिकन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी (एएससीओ) की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत किए गए अध्ययन में योग से कैंसर को कम करने वाले प्रभावों के बारे में बताया गया है।
अध्ययन में 56 वर्ष की औसत आयु वाले 500 से अधिक कैंसर रोगियों को को शामिल किया गया। उन्हें एक महीने के लिए योग करने या अन्य स्वास्थ्य शिविरों में भेजा गया। प्रत्येक समूह के रोगियों ने चार सप्ताह तक सप्ताह में दो बार 75 मिनट के योग या व्यायाम सत्र में भाग लिया। इसके बाद मरीजों की कई तरह की ब्लड टेस्टिंग की गई जिसमें आश्चर्यजनक परिणाम देखने को मिले।
रोगियों में कम हुए इंफ्लेमेटरी मार्कर
यूनिवर्सिटी ऑफ रोचेस्टर मेडिकल सेंटर के नेतृत्व में किए गए शोध में पाया गया कि जिन लोगों ने योग किया उनमें दूसरे समूह के रोगियों की तुलना में "प्रो-इंफ्लेमेटरी मार्करों का स्तर काफी कम था। इंफ्लेमेटरी मार्कर कैंसर के लिए बड़ा खतरा माने जाते रहे हैं। शोधकर्ताओं ने बताया- हमारे डेटा से पता चलता है कि योग, कैंसर वाले लोगों में इंफ्लामेशन को काफी कम कर सकता है। ऐसा होने से न सिर्फ कैंसर को और बढ़ने से रोका जा सकता है साथ ही ये कैंसर की पुनरावृत्ति को भी कम कर सकता है।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
प्रमुख शोधकर्ता करेन मस्टियन कहते हैं, "मैं सभी डॉक्टरों से सिफारिश करता हूं कि उन्हें कैंसर रोगियों के इलाज के साथ उपचार के विकल्प के रूप में योग करने की सलाह जरूर देनी चाहिए। थकान दूर करने और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखने के लिए योग बेहतर विकल्प है।
एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि सक्रिय रहने वाले कैंसर रोगियों में अन्य रोगियों की तुलना में समय से पहले मृत्यु का खतरा भी कम रहता है। यही कारण है कि योग किसी वरदान से कम नहीं है, सभी लोगों को इसे दिनचर्या का हिस्सा जरूर बनाना चाहिए।
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स्रोत और संदर्भ
Walking and yoga ‘can cut risk of cancer spreading or returning’
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