नींद ना आने को इंसोमनिया कहते हैं। यह एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें व्यक्ति को कुछ समस्याओं जैसे नींद न आना, रात के समय अक्सर नींद खुल जाना, फिर से नींद न लगना या जल्दी नींद खुल जाना का सामना करना पड़ता है।
इंसोमनिया का इलाज विशेष तौर पर डॉक्टर द्वारा किया जाना चाहिए क्योंकि इसके कारण आगे चलकर कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं जो जीवन के लिए घातक हो सकती हैं।
इंसोमनिया के दुष्परिणामों में दिन भर में थकान महसूस करना और चिड़चिड़ापन होना शामिल है। इससे ध्यान केन्द्रित करने में भी समस्या आती है।
जब हमारी नींद पूरी नहीं होती तो दिमाग सही तरीके से काम नहीं करता। यह हमारे तर्क, समस्या सुलझाने की क्षमता, सतर्कता, एकाग्रता और ध्यान केन्द्रित करने की क्षमता को प्रभावित करता है।
इंसोमनिया के कारण सड़क पर दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं। इंसोमनिया से ग्रसित ड्राइवर्स के कारण सड़क पर कई दुर्घटनाएं भी होती हैं। इससे याददाश्त में भी कमी आ सकती है। इससे हमारी निर्णय लेने की क्षमता भी क्षीण हो जाती है।