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Health tips: गैस से फूला रहता है बच्चे का पेट? पीडियाट्रिशियन से जानें इसका सही इलाज

Sat, 14 Mar 2026 08:25 PM IST
Shikhar Baranawal हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shikhar Baranawal Updated Sat, 14 Mar 2026 08:25 PM IST
सार

Newborn Baby Gas Relief Tips: छोटे बच्चे जब असहज होते हैं तो अक्सर माता पिता बहुत टेंशन में आ जाते हैं। कई बार उनके शरीर में ऐंठन या मरोड़ के पीछे का कारण पेट में गैस बनना होता है। इसी विषय पर आइए इस लेख में बच्चों की डॉक्टर से विस्तार से जानते हैं।

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Infant Gas and Colic: Doctor Explains 3 Months Sensation and Easy Relief Tips for Newborns
बच्चों का मालिश करना - फोटो : Adobe Stock

Why do Babies Cry During Gas: छोटे बच्चों, खासकर नवजात शिशुओं में पेट में गैस और मरोड़ की समस्या बहुत आम है, जिसे लेकर अक्सर माता-पिता काफी परेशान हो जाते हैं। इसी विषय पर डॉक्टर माधवी भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि 15-20 दिन के बच्चों के पेट में जब गैस 'मूव' करती है, तो यह उनके लिए एक बिल्कुल नया अनुभव होता है। 



उन्होंने बताया कि बच्चा इस नई अनुभूति को समझ नहीं पाता और रोकर या शरीर को ऐंठकर अपनी प्रतिक्रिया देता है। डॉक्टर के अनुसार यह कोई गंभीर बीमारी नहीं बल्कि बच्चे के विकास का एक हिस्सा है। आमतौर पर 15-20 दिन की उम्र से कोलिक (स्वस्थ शिशुओं में होने वाला असहज रोना) की समस्या शुरू होती है, जो 45 दिनों तक अपने चरम पर रहती है और बच्चा 3 महीने का होने तक धीरे-धीरे इस स्थिति में सामान्य होने लगता है। अक्सर दवाइयों के बावजूद बच्चा गैस या पॉटी पास करते समय रोता है, क्योंकि वह उस दबाव को महसूस कर रहा होता है।

Infant Gas and Colic: Doctor Explains 3 Months Sensation and Easy Relief Tips for Newborns
बच्चों का मालिश करना - फोटो : Adobe Stock

कोलिक और बच्चे की प्रतिक्रिया को समझें

  • डॉक्टर माधवी के अनुसार माता-पिता को यह समझना चाहिए कि कोलिक बच्चे के लिए सिर्फ एक नई शारीरिक संवेदना है।
  • जब बच्चा 15 से 20 दिन का होता है, तो उसका शरीर पाचन की प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक होने लगता है।
  • गैस पास करते समय या शरीर को ऐंठते समय बच्चा डिस्कंफर्ट में जरूर होता है, लेकिन यह समय के साथ अपने आप ठीक होने वाली प्रक्रिया होती है।

 

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Infant Gas and Colic: Doctor Explains 3 Months Sensation and Easy Relief Tips for Newborns
बच्चों का मालिश करना - फोटो : Adobe Stock
मसाज और एक्सरसाइज से मिलेगा आराम
  • अगर बच्चा गैस के कारण बहुत अधिक रो रहा है, तो आप उसकी नाभि के आस-पास हल्के हाथ से मसाज कर सकते हैं।
  • इसके अलावा, बच्चे को पीठ के बल लिटाकर उसके पैरों से 'साइकिलिंग' जैसी एक्सरसाइज करवाना काफी फायदेमंद होता है।
  • ये छोटे घरेलू उपाय पेट में फंसी गैस को बाहर निकालने में मदद करते हैं और बच्चे को तुरंत राहत देते हैं।

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Infant Gas and Colic: Doctor Explains 3 Months Sensation and Easy Relief Tips for Newborns
बच्चों का मालिश करना - फोटो : Adobe Stock
कब है डॉक्टर से परामर्श की जरूरत?
  • हालांकि कोलिक एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन अगर इन घरेलू उपायों के बाद भी बच्चा लगातार असहज और बेचैन रहे, तो लापरवाही न करें।
  • डॉक्टर सलाह देते हैं कि यदि बच्चा दूध पीना छोड़ दे या रोना बंद न करे, तो तुरंत नजदीकी बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
  • बिना डॉक्टरी सलाह के बच्चे को बार-बार दवाइयां देना सही नहीं है, क्योंकि उसका शरीर अभी विकसित हो रहा है।
 

 

 

 

 

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Infant Gas and Colic: Doctor Explains 3 Months Sensation and Easy Relief Tips for Newborns
डॉक्टर - फोटो : Freepik

धैर्य और सही देखभाल है जरूरी
डॉक्टर माधवी के मुताबिक छोटे बच्चों की गैस की समस्या में दवाइयों से ज्यादा माता-पिता के धैर्य की आवश्यकता होती है। डॉक्टर के बताए इन आसान नुस्खों हल्की मसाज और पैरों की एक्सरसाइज से आप बच्चे के दर्द को कम कर सकते हैं। ध्यान रखें कि ऐसा सिर्फ 3 महीने तक रहता है। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, उसका पाचन तंत्र मजबूत हो जाता है और वह इन शारीरिक बदलावों को स्वीकार करना सीख जाता है, जिससे समस्या खुद-ब-खुद खत्म होने लगती है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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