हाई ब्लड प्रेशर हो या दिल की बीमारी, डायबिटीज हो या फिर कैंसर इन सभी समस्याओं में शरीर के बढ़े हुए वजन को प्रमुख कारण माना जाता रहा है। कम उम्र वालों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में अधिक वजन की समस्या देखी जा रही है, जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंता जताते रहे हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि अगर शरीर का वजन 5-10% भी कम कर लिया जाए तो कई तरह की क्रॉनिक बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि पेट के आसपास जमा अतिरिक्त चर्बी शरीर के मेटाबॉलिज्म के लिए खतरनाक हो सकती है।
सेहत की बात: वजन बिल्कुल नॉर्मल है फिर भी हो सकती हैं ये क्रॉनिक बीमारियां, सिर्फ मोटापा ही नहीं है दुश्मन
नॉर्मल वजन होने का मतलब हमेशा पूरी तरह स्वस्थ होना नहीं है। कुछ लोगों में वजन सामान्य के बावजूद डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और फैटी लिवर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए वजन के साथ ब्लड प्रेशर, कमर की चौड़ाई, जीवनशैली, पारिवारिक इतिहास और जरूरी जांचों पर भी ध्यान देना चाहिए।
नॉर्मल वजन के बावजूद डायबिटीज का खतरा
टाइप-2 डायबिटीज के लिए मोटापे को एक बड़ा कारण माना जाता रहा है। हालांकि कई और स्थितियां जैसे आपकी उम्र, डायबिटीज की फैमिली हिस्ट्री, शारीरिक निष्क्रियता, खानपान भी जोखिमों को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए सामान्य वजन देखकर यह मान लेना सही नहीं है कि आपको डायबिटीज नहीं हो सकता।
- कुछ लोगों में पेट के आसपास ज्यादा चर्बी होती है, जबकि कुल वजन बहुत ज्यादा नही होता। ऐसे लोगों में भी शुगर लेवल हाई रहने का खतरा हो सकता है।
- अगर वजन कंट्रोल रहने के बावजूद आपको बार-बार प्यास लगने, बार-बार पेशाब आने, थकान या धुंधला दिखाई देने जैसे लक्षण हों तो ब्लड शुगर की जांच जरूर करा लें।
हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की समस्या
हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि बहुत से लोगों में शुरुआत में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखता। सामान्य वजन होने के बावजूद कई बार आपमें हाई बीपी या हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो सकती है।
- अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार स्वास्थ्य जोखिमों का आकलन करते सभी लोगों को ब्लड प्रेशर और हार्ट हेल्थ की जांच कराते रहना चाहिए।
- अगर परिवार में कम उम्र में हृदय रोग या हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या रही है या फिर आप धूम्रपान करते हैं तो और ज्यादा सावधानी जरूरी है।
फैटी लिवर का जोखिम
फैटी लिवर को आमतौर पर केवल मोटापे के शिकार लोगों की समस्या माना जाता है, पर ये पूरी तरह से सही नहीं है। शरीर का वजन सामान्य होने के बावजूद कुछ लोगों में लिवर में अतिरिक्त चर्बी जमा हो सकती है। इसके पीछे मेटाबॉलिक स्वास्थ्य, भोजन में गड़बड़ी, शारीरिक गतिविधियों में कमी और आनुवंशिक कारणों की भूमिका हो सकती है।
- अगर आपको पहले से डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल या अन्य मेटाबॉलिक समस्याएं हैं तो डॉक्टर से जांच जरूर करा लें।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के विशेषज्ञ कहते हैं, वजन को कंट्रोल रखने के साथ शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जीवनशैली और खान-पान को ठीक रखने के साथ नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहना जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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