पिछले 15 दिनों से दुनियाभर में कोरोना के नए वैरिएंट एरिस EG.5.1 को लेकर चर्चा हो रही है, शोधकर्ताओं ने अध्ययन में इसे अधिक संक्रामकता वाला बताते हुए सभी लोगों को संक्रमण से बचाव को लेकर अलर्ट किया है। भारत में भी इस वैरिएंट की पुष्टि हो चुकी है, वहीं यूके सहित कई देशों में इसके कारण पिछले दिनों तेजी से मरीजों की संख्या में इजाफा भी देखा गया है।
Covid-19: एरिस EG.5.1 के बाद एक और नए वैरिएंट BA.2.86 को लेकर अलर्ट, कई देशों में रिपोर्ट किए गए मामले
'वैरिएंट अंडर मॉनिटरिंग'
सीडीसी प्रवक्ता कैथलीन कॉनली कहती हैं, पहले की तुलना में अब हम कोरोना के नए वैरिएंट्स का पता लगाने के लिए अधिक तैयार हैं, हमें कोरोना के एक और नए वैरिएंट के बारे में पता चला है, इस वैरिएंट में अधिक म्यूटेशन देखे गए हैं, यानी की इससे संक्रामकता और जोखिम अधिक हो सकता है। इस खतरे को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यएचओ) ने इसे 'वैरिएंट अंडर मॉनिटरिंग' के रूप में वर्गीकृत किया है।
इससे पहले हाल ही में कई देशों में संक्रमण को तेजी से बढ़ाने वाले एरिस वैरिएंट की तुलना में इसमें म्यूटेशंस की संख्या अधिक बताई जा रही है।
कैसी है इस नए वैरिएंट की प्रकृति?
वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल इस बारे में कुछ भी कहना कि यह वैरिएंट वर्तमान में फैल रहे वायरस के स्ट्रेन से कितना अधिक खतरनाक होगा, निश्चित ही जल्दबाजी है। संयुक्त राष्ट्र एजेंसी का कहना है कि BA.2.86 से उत्पन्न होने वाले खतरे को समझने के लिए अधिक डेटा की आवश्यकता है, लेकिन इसमें म्यूटेशनों की संख्या जिस प्रकार से ज्यादा है, इसके कारण इसकी संक्रामकता और गंभीरता दोनों अधिक होने की आशंका है।
पहले वैरिएंट्स की तुलना में अधिक म्यूटेशन
प्रारंभिक शोध में पाया गया है कि साल 2021 में सामने आए मूल ओमिक्रॉन वैरिएंट की तुलना में इस नए स्ट्रेन में दर्जनों आनुवंशिक परिवर्तन हैं। इस तरह के बदलाव संकेत देते हैं कि पहले के वैरिेंएंट्स की तुलना में इस नए स्ट्रेन के कारण अधिक लोग संक्रमित हो सकते हैं। पूर्व संक्रमण या टीकाकरण से शरीर में बनी प्रतिरक्षा को चकमा देने में भी यह अधिक कारगर भी हो सकता है।
फ्रेड हच कैंसर सेंटर के जीवविज्ञानी जेसी ब्लूम कहते हैं, "डीप म्यूटेशनल स्कैनिंग से संकेत मिलता है कि बीए.2.86 वैरिएंट ओमिक्रॉन का सबसे अधिक म्यूटेशनों वाला वैरिएंट हो सकता है। ब्लूम ने कहा कि BA.2.86 में XBB.1.5 वैरिएंट की तुलना में 36 म्यूटेशन हैं।
क्या है वैज्ञानिकों की सलाह?
BA.2.86 का पहला मामला अमेरिका के मिशिगन विश्वविद्यालय की प्रयोगशाला द्वारा रिपोर्ट किया गया था।
XBB वैरिएंट के EG.5 को लेकर पहले से ही जारी चिंता के बीच एक नए वैरिएंट ने वैज्ञानिकों को और भी अलर्ट कर दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना के वैरिएंट्स में लगातार म्यूटेशन जारी है जो इस बात को लेकर इशारा है कि हमें लगातार अलर्ट रहने की आवश्यकता है। कोरोना का जोखिम लगातार बना हुआ है, सभी देशों को कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का सख्ती से पालन पर जोर देने की जरूरत है, जिससे हम संभावित खतरे कम को कर सकें।
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