Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष
आपने 'टाइमपास' तो खाया ही होगा, मतलब मूंगफली? दरअसल, ट्रेन या बसों में लोग टाइमपास करने के लिए मूंगफली खाते हैं, इसीलिए कई लोग इसे 'टाइमपास' भी कहते हैं। यह सिर्फ स्वाद के लिए ही मशहूर नहीं है बल्कि मूंगफली को सेहत के लिए भी लाभकारी माना जाता है। इसमें प्रोटीन, विटामिन, फाइबर, एंटी-ऑक्सीडेंट और खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह सिर्फ डायबिटीज के मरीजों के लिए ही नहीं बल्कि हृदय से जुड़ी समस्याओं, उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और सूजन से पीड़ित लोगों के लिए भी फायदेमंद होती है। आइए जानते हैं मूंगफली के सेवन के फायदों के बारे में...
सलाह: डायबिटीज के मरीजों के लिए 'रामबाण' है मूंगफली का सेवन, ब्लड शुगर होता है नियंत्रित
अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के एक अध्ययन के मुताबिक, मूंगफली खाने से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा काफी कम हो जाता है। दरअसल, इसमें मौजूद मैंगनीज खून में कैल्शियम के अवशोषण, फैट और कार्बोहाइड्रेट मेटाबॉजिल्म और रक्त शर्करा के स्तर को संतुलित करने में मदद करते हैं।
विशेषज्ञ कहते हैं कि मधुमेह रोगियों के लिए मूंगफली खाना सुरक्षित होता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम होता है, जो रक्त शर्करा को कम करने में मदद करता है। एक अध्ययन में यह पाया गया है कि मैग्नीशियम ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करता है।
वजन कम करने में भी है सहायक
- मूंगफली को वजन कम करने में भी सहायक माना जाता है। दरअसल, इसमें प्रोटीन और फाइबर होते हैं और ये दोनों ही पोषक तत्व भूख को प्रभावित करते हैं। अगर नियमित रूप से मूंगफली का सेवन किया जाए तो जल्दी ही वजन को कम किया जा सकता है।
मूंगफली का सेवन पाचन शक्ति को भी बढ़ाता है। अगर आप नियमित रूप से मूंगफली खाते हैं, तो इससे आपकी सेहत भी बनी रहती है और भोजन को पचाने में मदद भी मिलती है। लेकिन ध्यान रहे कि ज्यादा मात्रा में इसका सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है। इसलिए सीमित मात्रा में ही मूंगफली खाएं।
नोट: डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।
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