Medically Reviewed by Dr. Rajesh Mundeja
डॉ राजेश मुंडेजा
जनरल फिजीशियन, उजाला सिग्नस अस्पताल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी
किसी व्यक्ति का कोरोना से संक्रमित होना आजकल तो आम बात हो गई है। थोड़ी सी भी लापरवाही लोगों को संक्रमण का शिकार बना दे रही है। अगर आप कोरोना के कारण गंभीर रूप से बीमार नहीं हुए हैं और जल्दी ठीक हो गए, तो ये अच्छी बात है, लेकिन दिक्कत ये है कि संक्रमण से उबरने के बाद भी लोग तरह-तरह की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। कुछ महीने पहले तक मरीजों को ब्लैक, येलो और व्हाइट फंगस ने परेशान किया था और अब भारत में कोरोना से ठीक हुए मरीजों में एक नई बीमारी देखने को मिल रही है, जो बेहद ही घातक है। दरअसल, कोविड से ठीक होने के बाद पांच मरीजों के गॉल ब्लैडर में गैंग्रीन की समस्या देखी गई है। दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि ये भारत में इस तरह का पहला मामला है। इससे चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोरोना से ठीक होने के बाद पांचों मरीजों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत थी, जिसके बाद उनका सीटी स्कैन किया गया तो उनकी पित्त की थैली में गैंग्रीन की पुष्टि हुई। हालांकि ऑपरेशन के जरिये डॉक्टरों ने इनकी जान बचा ली है।
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क्या होता है गैंग्रीन?
- गैंग्रीन एक घातक बीमारी है। यह बीमारी तब होती है, जब शरीर के किसी हिस्से के टिशू यानी ऊतक नष्ट हो जाते हैं। यह समस्या किसी चोट या इंफेक्शन यानी संक्रमण होने की स्थिति में होती है। सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, जिन पांचों मरीजों में गैंग्रीन की पुष्टि हुई, उनमें से चार मरीजों की पित्त की थैली फट चुकी थी और ऐसे में उनकी तुरंत सर्जरी की गई।
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कितनी खतरनाक बीमारी है गैंग्रीन?
- गैंग्रीन बीमारी के खतरनाक होने का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि यह शरीर के जिस भी हिस्से पर होता है, वह हिस्सा काला या बैंगनी रंग का दिखना शुरू हो जाता है और धीरे-धीरे गलने लगता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका एकमात्र इलाज ऑपरेशन ही होता है। दरअसल, शरीर के जिस भी हिस्से पर गैंग्रीन का असर होता है, उसे काटकर हटा दिया जाता है।
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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
- विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना से ठीक होने के बाद अगर लोगों को पेट में दर्द, उल्टी और भूख कम लगना जैसे लक्षण दिखते हैं तो इन्हें भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।