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Smallpox and Monkeypox: स्मॉलपॉक्स और मंकीपॉक्स में अंतर, जानें लक्षण और दोनों में से ज्यादा घातक कौन?

Fri, 29 Jul 2022 05:31 PM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Fri, 29 Jul 2022 05:31 PM IST
Expert Advice Know Difference Between Smallpox and Monkeypox News in Hindi
मंकीपाॅक्स और स्माॅलपाॅक्स का अंतर - फोटो : istock

Difference Between Smallpox And Monkeypox: इन दिनों मंकीपॉक्स के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। दुनिया के कई देशों में 18 हजार से ज्यादा मंकीपॉक्स के मामले सामने आ चुके हैं। मंकीपॉक्स को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी जारी की है और मंकीपॉक्स पर लगातार जागरूक कर रहा है। मंकीपॉक्स एक दुर्लभ संक्रमण है, जिसका प्रसार कोरोना की तरह ही हो रहा है। वैसे तो मंकीपॉक्स के लक्षण एक हफ्ते के अंदर ठीक हो जाते हैं। हालांकि कुछ लोगों में यह संक्रमण गंभीर हो सकता है। मंकीपॉक्स का खतरा बच्चों और 42 साल से कम उम्र के लोगों में अधिक है। इसकी एक वजह यह है कि मंकीपॉक्स पर चेचक का टीका असरदार है। ऐसे में जिन लोगों को स्मॉल पॉक्स यानी चेचक का टीका लग चुका है, उनमें मंकीपॉक्स का जोखिम कम है। लेकिन मंकीपॉक्स के संक्रमण में स्मॉल पॉक्स की वैक्सीन असरदार कैसे हैं? कई लोग मंकी पॉक्स और स्मॉल पॉक्स में को एक समझते हैं, हालांकि दोनों पूरी तरह से एकदूसरे से अलग हैं। ऐसे में जानिए मंकी पॉक्स और स्मॉल पॉक्स में क्या अंतर हैं, दोनों के लक्षण क्या हैं और उपचार के तरीकों में क्या अंतर है?

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खतरनाक मंकीपॉक्स वायरस - फोटो : Twitter@codebluenews

मंकीपॉक्स के लक्षण

  • बुखार
  • ठंड लगना
  • सिर दर्द
  • मांसपेशियों में दर्द
  • थकान
  • सूजी हुई लसीका ग्रंथियां
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चेचक की बीमारी - फोटो : pixabay

स्मॉल पॉक्स के लक्षण

  • बुखार
  • बेचैनी
  • सिरदर्द
  • गंभीर थकान
  • गंभीर पीठ दर्द
  • उल्टी
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मंकीपॉक्स संक्रमण में त्वचा पर दाने की समस्या - फोटो : istock

मंकी पॉक्स और स्मॉल पॉक्स में अंतर
 

  • मंकीपॉक्स को चेचक के समान ही माना जाता है, लेकिन ये चेचक से अलग तरह का रोग है। इसमें पिंपल जैसे रैशेज हो जाते हैं और उसमें फ्लूइड भरने लगती है। हालांकि स्मॉल पॉक्स यानी चेचक संक्रामक और घातक बीमारी है, जिसका इलाज मौजूद नहीं है। चेचक से बचने के लिए टीका है। मंकीपॉक्स की तरह स्मॉल पॉक्स में भी फ्लू जैसे लक्षण होते हैं। लेकिन चेचक मंकीपॉक्स से अधिक घातक हो सकता है।
  • मंकीपॉक्स के अन्य लक्षणों के साथ 1 से 3 दिनों के बाद त्वचा पर दाने हो सकते हैं। अक्सर चेहरे पर दाने आना शुरू होते हैं, फिर हथेली और पैरों के तलवों तक दाने हो सकते हैं। मंकीपॉक्स में होने वाले दाने फफोले में बदल सकते हैं, जिसमें मवाद भर जाता है।
  • स्मॉल पॉक्स के लक्षण संक्रमण होने के 10-14 दिन बाद दिखाई देते हैं। 7-17 दिनों के बाद व्यक्ति इस संक्रमण से रिकवर हो सकता है। स्मॉल पॉक्स में भी संक्रमित होने के बाद चेहरे पर लाल धब्बे आ सकते हैं। लाल धब्बे हाथों, बाहों में फैल जाते हैं। एक- दो दिन के बाद इन धब्बों से तरल पदार्थ जैसे मवाद भर जाता है। धब्बे फफोले का रूप ले सकते हैं, जो त्वचा पर निशान छोड़ सकते हैं।
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चेचक का टीका मंकीपाॅक्स और स्माॅलपाॅक्स से सुरक्षा देगा - फोटो : istock

मंकी पॉक्स और स्मॉल पॉक्स से बचाव के उपाय


स्मॉल पॉक्स का इलाज नहीं है। स्मॉल पॉक्स से बचने के लिए चेचक का टीका लगाया जाता है। जिन लोगों को चेचक का टीका लगा होता है, उन्हें स्मॉल पॉक्स होने का खतरा कम होता है।

वहीं मंकीपॉक्स से बचाव के लिए भी चेचक का टीका असरदार है। मंकीपॉक्स से बचने के लिए संक्रमित जानवरों के संपर्क से बचना चाहिए। किसी संक्रमित के संपर्क में आने पर हाथों को साबुन से अच्छी तरह से धोएं। दूषित सामग्री को छूने से बचें। 

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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