दिवाली का त्योहार मतलब ढेर सारी मिठाइयां और लजीज पकवान। अक्सर लोग दिवाली में पेट की समस्या से परेशान रहते हैं, इसका एक बड़ा कारण है कि लोग बिना सोचे-समझे मसालेदार चीजें और मिठाइयां खाने लगते हैं। ये समस्या ज्यादार बूढ़ों और बच्चों में देखने को मिलती है। बच्चों को मिठाइयां और तले-भुने स्नैक्स आसानी से आकर्षित करते हैं, जिससे उनका पाचन तंत्र बिगड़ जाता है। वहीं बुजुर्गों का पाचन तंत्र पहले से ही कमजोर होता है, ऐसे में जब को ढेर सारी मिठाइयां और अन्य जंक फूड खाते हैं तो उनकी तबियत भी खराब होने का जोखिम बढ़ जाता है।
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Health Tips: दिवाली में बच्चों और बुजुर्गों के खानपान का ऐसे रखें खास ख्याल, बरतें ये सावधानियां
Sun, 19 Oct 2025 01:02 PM IST
शिखर बरनवाल
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिखर बरनवाल
Updated Sun, 19 Oct 2025 01:02 PM IST
सार
त्योहारों का सीजन चल रहा है, इस मौसम में अक्सर बच्चों और बुजुर्गों को पाचन संबंधित समस्या का सामना करना पड़ता है। इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए दिवाली के खानपान में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।
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दिवाली में खानपान की सावधानी
- फोटो : Adobe Stock
Sweets
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मिठाइयों और मीठे का सेवन नियंत्रित करें
बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए मिठाइयों और मीठे पेय का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। बच्चों को एक बार में बहुत सारी मिठाइयां देने के बजाय, दिनभर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दें। बुजुर्गों के लिए, चीनी रहित या प्राकृतिक मिठास (जैसे खजूर, अंजीर) वाली मिठाइयां या पकवान ही दें। इससे ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी।
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बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए मिठाइयों और मीठे पेय का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। बच्चों को एक बार में बहुत सारी मिठाइयां देने के बजाय, दिनभर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दें। बुजुर्गों के लिए, चीनी रहित या प्राकृतिक मिठास (जैसे खजूर, अंजीर) वाली मिठाइयां या पकवान ही दें। इससे ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी।
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पीने का पानी
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हाइड्रेशन और तरल पदार्थों पर जोर
त्योहारों की भागदौड़ में अक्सर पानी पीना छूट जाता है। बच्चों और बुजुर्गों को हर थोड़ी देर में पानी, नींबू पानी, छाछ, या नारियल पानी देते रहें। कोल्ड ड्रिंक या बाजार के पैकेज्ड जूस से परहेज करें, क्योंकि इनमें शुगर और प्रिजर्वेटिव ज्यादा होते हैं। पर्याप्त हाइड्रेशन पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज को रोकता है।
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त्योहारों की भागदौड़ में अक्सर पानी पीना छूट जाता है। बच्चों और बुजुर्गों को हर थोड़ी देर में पानी, नींबू पानी, छाछ, या नारियल पानी देते रहें। कोल्ड ड्रिंक या बाजार के पैकेज्ड जूस से परहेज करें, क्योंकि इनमें शुगर और प्रिजर्वेटिव ज्यादा होते हैं। पर्याप्त हाइड्रेशन पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज को रोकता है।
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खान-पान
- फोटो : Freepik.com
तेल और जंक फूड से परहेज
बुजुर्गों का पाचन तंत्र भारी और तैलीय भोजन को पचाने में संघर्ष करता है, जिससे एसिडिटी और अपच हो सकती है। बच्चों के लिए भी ज्यादा तला-भुना खाना नुकसानदायक है। पकवानों को तलने के बजाय बेक करने या स्टीम करने जैसे हेल्दी विकल्प चुनें। साथ ही भोजन की मात्रा कम रखें।
बुजुर्गों का पाचन तंत्र भारी और तैलीय भोजन को पचाने में संघर्ष करता है, जिससे एसिडिटी और अपच हो सकती है। बच्चों के लिए भी ज्यादा तला-भुना खाना नुकसानदायक है। पकवानों को तलने के बजाय बेक करने या स्टीम करने जैसे हेल्दी विकल्प चुनें। साथ ही भोजन की मात्रा कम रखें।
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फाइबर से भरपूर चीजों का सेवन करें
- फोटो : Freepik.com
फाइबर और पोषक तत्वों को न भूलें
पकवानों के बीच भी बच्चों और बुजुर्गों की थाली में फाइबर युक्त भोजन जरूर हो। उन्हें मिठाई से पहले सलाद, फल या सब्जियों का सूप दें। बच्चों को मेवे और बुजुर्गों को दही या पनीर खिलाएं, ताकि उन्हें जरूरी प्रोटीन और पोषण मिल सके। यह उन्हें ओवरईटिंग से बचाएगा और उनकी इम्यूनिटी को भी सपोर्ट करेगा।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
पकवानों के बीच भी बच्चों और बुजुर्गों की थाली में फाइबर युक्त भोजन जरूर हो। उन्हें मिठाई से पहले सलाद, फल या सब्जियों का सूप दें। बच्चों को मेवे और बुजुर्गों को दही या पनीर खिलाएं, ताकि उन्हें जरूरी प्रोटीन और पोषण मिल सके। यह उन्हें ओवरईटिंग से बचाएगा और उनकी इम्यूनिटी को भी सपोर्ट करेगा।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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