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Heart Problem: बिना फैमिली हिस्ट्री वाले युवा भी हो रहे हार्ट अटैक का शिकार, दिल की दुश्मन बन रहीं ये दो आदतें

Sun, 19 Oct 2025 07:24 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sun, 19 Oct 2025 07:24 PM IST
सार

  •  हृदय रोगों की बात होने पर हम सभी का ध्यान सबसे पहले आहार में गड़बड़ी पर जाता है, ये निश्चित ही एक बड़ा कारण है, पर इसके साथ  खान-पान की अनियमित आदतें भी सीधे तौर पर हृदय संबंधित जोखिमों को और भी बढ़ाने वाली हो सकती हैं।

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युवाओं में हार्ट अटैक का खतरा - फोटो : Adobe stock photos

विस्तार

Heart Attack Risk: हृदय रोगों के बढ़ते मामले वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण बने हुए हैं। आज के समय में हृदय रोग केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि अब युवाओं में हार्ट अटैक के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। समाचार और सोशल मीडिया के माध्यम से आप भी कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक और इससे मौत की खबरें देखते-सुनते रहे होंगे। 

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हृदय रोग क्यों इतनी तेजी से बढ़ने लगे हैं? इसको लेकर किए गए अध्ययनों में पाया गया है कि जिन युवाओं की डाइट में जंक फूड, ट्रांस फैट और शुगर की मात्रा ज्यादा होती है, उनमें हृदय रोगों का खतरा दोगुना तक अधिक हो सकता है। धूम्रपान और अल्कोहल का सेवन धमनियों को संकुचित कर देता है जिससे हार्ट अटैक का जोखिम और भी अधिक हो सकता है। 
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चिंताजनक बात ये है कि बड़ी संख्या में ऐसे लोगों में भी हृदय की बीमारियों का निदान किया जा रहा है जिनकी इन रोगों की कोई फैमिली हिस्ट्री भी नहीं रही है, यानी कि माता-पिता को हृदय रोग नहीं था पर बच्चे इसका शिकार हो रहे हैं।
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आखिर इस तरह के मामलों की वजह क्या है, ऐसे में क्या हृदय रोगों से किसी को भी सुरक्षित नहीं माना जा सकता है? आइए इस बारे में विशेषज्ञ से समझते हैं।

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हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Adobe Stock Images

30 से कम आयु वालों में बढ़ता हृदय रोगों का खतरा

अमर उजाला से बातचीत में मुंबई स्थित एक निजी अस्पताल में वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ निरूपम खटाना कहते हैं, हाल के वर्षों में युवा भारतीयों में दिल के दौरे का खतरा तेजी से बढ़ता देखा गया है। पहले यह मध्य आयु या प्रौढ़ावस्था के लोगों लिए चिंता का विषय थी, लेकिन अब 20-30 की आयु वाले युवाओं पर भी इसका खतरा मंडराता देखा जा रहा है।

जीवनशैली की कुछ आदतें इसे और भी बदतर बना देती हैं और जानलेवा हृदय संबंधी घटनाओं जैसे हार्ट अटैक-हार्ट फेलियर का कारण बन सकती हैं।

डॉ निरूपम कहते हैं, हृदय रोगों की बात होने पर सबसे पहले हम सभी का ध्यान आहार में गड़बड़ी पर जाता है, ये निश्चित ही एक बड़ा कारण है, पर इसके साथ खान-पान की अनियमित आदतें भी सीधे तौर पर हृदय संबंधित जोखिमों को और भी बढ़ाने वाली हो सकती हैं।


(बाजार में बिक रही ये चीजें बढ़ा सकती हैं दिल की बीमारी का खतरा, 'धीमा जहर' हैं ये फूड्स)

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हार्ट अटैक के बढ़ते मामले - फोटो : Freepik.com

बिना फैमिली हिस्ट्री वाले भी हो रहे हैं शिकार

हृदय रोग विशेषज्ञ बताते हैं, ओपीडी में हमने कई ऐसे मामले देखे हैं जिनका हृदय रोग का कोई इतिहास नहीं है। जब इसके कारणों को समझने की कोशिश की गई तो पता चला कि इनमें से कई लोग सिगरेट-शराब का सेवन करते थे। इसके अलावा ज्यादातर लोगों में खान-पान की अनियमितता का भी खतरा देखा गया।

दो चीजें जो ज्यादातर लोगों में कॉमन पाई गईं वह हैं-सुबह का नाश्ता न करना और रात में देर से खाना। ये आदतें दिल की सेहत को बुरी तरह से प्रभावित करने वाली पाई गई हैं।

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हार्ट अटैक के लिए कौन से कारण जिम्मेदार - फोटो : Freepik.com

हृदय को प्रभावित करने वाली आदतें

अक्सर लोग सुबह ऑफिस जाने की जल्दबाजी में सुबह का नाश्ता नहीं करते हैं, ये आपका समय तो बचा सकती है पर दीर्घकालिक रूप से सेहत पर इसके कई गंभीर दुष्प्रभाव देखे गए हैं। 

इसका सीधा असर हार्मोनल संतुलन पर होता है जिससे धमनियों में प्लाक जमा होने की आशंका बढ़ जाती है। अक्सर नाश्ता न करने वाले वयस्कों में रक्तचाप बढ़ने और असामान्य मेटाबॉलिज्म प्रतिक्रियाओं का खतरा ज्यादा होता है, जो एथेरोस्क्लेरोसिस को बढ़ावा देते हैं। इससे धमनियों में प्लाक बढ़ने लगता है।

सुबह का नाश्ता छोड़ने से शरीर को लंबे समय तक भूखा रहना पड़ता है, जिससे कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं और हृदय संबंधी जोखिम कारकों का खतरा हो सकता है।

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खान-पान की अनियमितता का सेहत पर असर - फोटो : Freepik.com

खान-पान का गड़बड़ समय खतरनाक
 

डॉक्टर बताते हैं, नाश्ता न करने वाले लोगों में दिल का दौरा और हृदय संबंधी मृत्यु का खतरा 35 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। हालांकि नाश्ते में पौष्टिक और पोषक तत्वों से भरपूर चीजें ही होनी चाहिए। ब्रेड, तैलीय चीज, चाय-कॉफी जैसे नाश्ते और भी दिक्कतें बढ़ाने वाले हो सकते हैं।

सुबह नाश्ता न करने के अलावा रात में देर से खाना खाने का भी हृदय की सेहत पर गंभीर असर देखा जाता रहा है। रात का खाना देर से खाने और इसके तुरंत बाद सो जाने से कई तरह की समस्याओं का जोखिम बढ़ता है। इससे दीर्घकालिक रूप में शरीर में सूजन आ जाती है। डॉक्टर कहते हैं, सोने से दो घंटे से कम समय पहले भोजन करने से शरीर की मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया बिगड़ जाती है, ग्लूकोज का स्तर बाधित होता है और इंफ्लेमेशन का खतरा हो सकता है, ये सभी हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाने वाली स्थितियां हो सकती हैं।

डॉक्टर निरूपम कहते हैं, अब वक्त आ गया है कि युवा पीढ़ी अपने हार्ट हेल्थ को प्राथमिकता दे। छोटी-छोटी आदतें जैसे सुबह की वॉक, ताजे फलों का सेवन, तनाव प्रबंधन और स्मोकिंग से दूरी के अलावा खाने के समय को व्यवस्थित करना ऐसे कदम हैं जो आपके दिल को मजबूत बना सकते हैं।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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