Diwali Health Tips: दिवाली खुशियों और रोशनी का त्योहार है, लेकिन अक्सर पटाखों की तेज आवाज और उनसे निकलने वाला धुआं कुछ लोगों के लिए एक बड़ी समस्या बन जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पटाखे माइग्रेन को सीधे तौर पर ट्रिगर कर सकते हैं। ऐसे में जिन लोगों को माइग्रेन की समस्या है, उन्हें दिवाली में कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए।
Health Tips: क्या पटाखे माईग्रेन को ट्रिगर कर सकते है? इस दिवाली जरूर बरतें ये सावधानियां
अक्सर ऐसा होता है कि लोग बहुत दिनों से दिवाली मनाने की प्लानिंग करते हैं लेकिन उसी दिन उनका असहनीय सिरदर्द होने लगता है। ऐसा होने के पीछे कई कारण हो सकता है, उनमें से एक बड़ा कारण है पटाखों की आवाज और उसका धुआं। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
तेज आवाज वाली जगहों से दूर रहें
पटाखों की तेज आवाज माइग्रेन का एक बड़ा ट्रिगर है। जब मस्तिष्क को अचानक तेज शोर का सामना करना पड़ता है, तो यह तनाव और ओवरलोड की स्थिति में आ जाता है। इससे मस्तिष्क में रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं और न्यूरोकेमिकल परिवर्तन होते हैं, जो तुरंत माइग्रेन का दौरा शुरू कर सकते हैं। तेज शोर से बचने के लिए माइग्रेन के मरीजों को शोरगुल वाली जगहों से दूर रहना चाहिए या इयरप्लग्स का इस्तेमाल करना चाहिए।
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धुआं और खराब हवा की गुणवत्ता
पटाखों से निकलने वाला धुआं और धूल हवा की गुणवत्ता को बहुत खराब कर देते हैं। इस धुएं में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड जैसे हानिकारक कण होते हैं। ये रसायन फेफड़ों और श्वसन तंत्र को प्रभावित करने के साथ-साथ माइग्रेन के दौरे को भी ट्रिगर कर सकते हैं। इसलिए माइग्रेन के मरीजों को धुएं वाले क्षेत्रों से बचना चाहिए और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करना चाहिए।
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रोशनी और स्लीप साइकिल
दिवाली पर तेज और चमकदार, जगमगाती रोशनी भी माइग्रेन का कारण बन सकती है। फ्लैशिंग या तेज रोशनी, जिसे फोटोफोबिया कहते हैं, से मस्तिष्क की संवेदनशीलता बढ़ जाती है। साथ ही त्योहार की वजह से देर तक जागना और नींद के पैटर्न में बदलाव आना भी माइग्रेन के दौरे की आवृत्ति को बढ़ा सकता है।
माइग्रेन से बचने के लिए, इस दिवाली कुछ आदतें अपनाएं, जैसे- तेज आवाज वाले पटाखों से दूर रहें। मास्क पहनें ताकि धुएं के कण फेफड़ों में कम जाएं। हाइड्रेटेड रहें और त्योहारों के दौरान भी अपनी नींद का निश्चित समय बनाए रखें। अगर दर्द शुरू हो, तो तुरंत एक शांत, अंधेरे कमरे में आराम करें।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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