World Osteoporosis Day 2025: दांतों का बार-बार टूटना, कहीं ऑस्टियोपोरोसिस का संकेत तो नहीं?
World Osteoporosis Day 2025: जो लोग ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या से परेशान हैं उनके दांत भी धीरे धीरे टूटने लगते हैं। इसलिए अगर किसी व्यक्ति का दांत बार-बार टूट रहा है तो ये ऑस्टियोपोरोसिस का शुरुआती संकेत हो सकता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
जबड़े की हड्डी पर पड़ता है सीधा असर
ऑस्टियोपोरोसिस सिर्फ रीढ़, कूल्हे या कलाई की हड्डियों को ही नहीं, बल्कि जबड़े की हड्डी को भी कमजोर करता है। जब कैल्शियम और मिनरल की कमी से यह हड्डी पतली हो जाती है, तो दांतों की जड़ें मजबूती से पकड़ नहीं पातीं। इसी वजह से दांत ढीले होने लगते हैं या बिना किसी चोट के भी टूट जाते हैं। इस स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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जबड़े की हड्डी का घनत्व कम होने पर, मसूड़ों को भी पर्याप्त सहारा नहीं मिल पाता। इससे मसूड़े धीरे-धीरे नीचे की ओर हटने लगते हैं, जिसे गम रिसेशन कहा जाता है। मसूड़ों के घटने से दांतों की जड़ें दिखाई देने लगती हैं, जिससे दांत में अधिक सेंसेशन होने लगता है और मसूड़ों से संबंधित संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
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जिन लोगों के दांत टूट चुके हैं और वे डेन्चर का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें भी ऑस्टियोपोरोसिस से संबंधित संकेत मिल सकते हैं। जब जबड़े की हड्डी तेजी से घिसती है, तो डेन्चर का फिटमेंट खराब होने लगता है और उन्हें बार-बार एडजस्ट करने की जरूरत पड़ती है। यह जबड़े की हड्डी में हो रहे तेज नुकसान का संकेत है।
अगर आप दांतों और हड्डियों दोनों को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो कैल्शियम, विटामिन D और विटामिन K2 से भरपूर आहार लें। वजन उठाने वाले व्यायाम करें और धूम्रपान व अत्यधिक शराब के सेवन से बचें। दांतों की नियमित जांच के दौरान अपने डेंटिस्ट से भी अपनी हड्डियों के स्वास्थ्य पर चर्चा करें।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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