लड़कियां शरीर की खूबसूरती को बनाए रखने के लिए कई तरीके अपनाती हैं। इसमें से एक है वैक्सिंग। शरीर से बालों को हटाने के इस तरीके में बहुत दर्द का सामना करना पड़ता है। अंडर आर्म्स और प्राइवेट पार्ट की हेयर रिमूविंग पर लड़कियां खास ध्यान देती हैं।
इसके लिए आजकल बिकनी वैक्स का ट्रेंड जोरों पर है। बिकनी लाइन के बालों को हटाने के लिए वैक्सिंग और शेविंग का सहारा लेती हैं। शोध कहते हैं कि इससे संक्रमण होने का डर रहता है।
एक शोध में ये बात सामने आई है कि जो महिलाएं अक्सर बिकनी वैक्स कराती हैं उनमें सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज यानी एसटीआई होने का खतरा रहता है। जामा डर्माटोलोजी ऑफ जरनल में हुए अध्ययन में इसका खुलासा हुआ।
प्यूबिक हेयर (वैजाइना के बाल) हटाने के दौरान वायरस या बैक्टीरिया शरीर के अंदर चले जाते हैं। यानी एसटीडी के बढ़ने के कारणों में प्यूबिक हेयर रिमूविंग भी एक है।
दरअसल, वैक्सिंग से त्वचा को नुकसान पहुंचता है। स्टडी में पाया गया कि खराब वैक्सिंग टूल के प्रयोग से बैक्टीरिया ट्रांसफर होते हैं। साथ ही ये सामने आया कि प्यूबिक हेयर वैक्सिंग करने से स्किन जलने का खतरा रहता है।