कोरोना वायरस को लेकर चीन पहले से ही विवादों में है, क्योंकि दुनिया के ज्यादातर वैज्ञानिकों का मानना है कि यह वायरस चीन से ही दुनियाभर में फैला है और अब कोरोना की वैक्सीन को लेकर भी चीन एक बार फिर से दुनिया की नजर में आ गया है। इसकी वजह ये है कि अलग-अलग देशों में चीन की वैक्सीन के असर में भारी अंतर देखने को मिल रहा है। दरअसल, चीन की सिनोवैक कंपनी द्वारा विकसित वैक्सीन 'कोरोनावैक' का ब्राजील और तुर्की में ट्रायल किया गया है। इन दोनों ही देशों द्वारा जारी किए गए ट्रायल के डाटा में काफी अंतर है, जिसने चीन की इस वैक्सीन के प्रभावों पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
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आखिर कितनी प्रभावी है चीन की कोरोना वैक्सीन? कहीं 50 तो कहीं 91 फीसदी बताया जा रहा कारगर
Fri, 25 Dec 2020 10:21 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Fri, 25 Dec 2020 10:21 PM IST
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CoronaVirus Vaccine China
- फोटो : Pixabay/Amar Ujala
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : PTI
ब्राजील में 50 फीसदी प्रभावी है चीन की वैक्सीन
- ब्राजील के शोधकर्ताओं ने बुधवार को सिनोवैक बायोटेक की वैक्सीन के ट्रायल डाटा का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह वैक्सीन ब्राजील में करीब 50 फीसदी कारगर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्राजील इस वैक्सीन का लेट-स्टेज ट्रायल पूरा करने वाला पहला देश है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
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- हालांकि ब्राजील के साओ पाउलो राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना है कि यह वैक्सीन ब्राजील में आपातकालीन उपयोग के लिए कोरोना वायरस के खिलाफ पर्याप्त प्रभावी है। दरअसल, स्वास्थ्य नियामक अन्वेषा ने इस महामारी में टीकों के लिए कम से कम 50 फीसदी की प्रभावकारिता दर निर्धारित की है।
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- फोटो : Pixabay
तुर्की में 91 फीसदी कारगर है वैक्सीन
- तुर्की के स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को घोषणा की थी कि चीन की वैक्सीन निर्माता कंपनी सिनोवैक की वैक्सीन 'कोरोनावैक' 91.25 फीसदी प्रभावी है। तुर्की के स्वास्थ्य मंत्री फहरेट्टिन कोका ने कहा कि वैज्ञानिक समिति के मूल्यांकन के साथ प्रभाव का प्रतिशत और बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि हम वैक्सीन के प्रभाव के बारे में सुनिश्चित थे। अब हमें विश्वास है कि यह टीका तुर्की के लोगों के लिए प्रभावी और सुरक्षित है।
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सोमवार को मिल सकती है वैक्सीन की पहली खेप
- उम्मीद की जा रही है कि सोमवार को तुर्की को 'कोरोनावैक' टीके की पहली खेप मिल जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री फहरेट्टिन कोका के मुताबिक, चीनी अधिकारियों ने तुर्की को भेजे जाने वाले टीके की खुराक के लिए अनुमोदन प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस महीने की शुरुआत में फहरेट्टिन कोका ने बताया था कि तुर्की ने सिनोवैक से कोरोना वैक्सीन की 50 मिलियन यानी पांच करोड़ खुराक खरीदने का अनुबंध किया था। इसमें से 20 मिलियन यानी दो करोड़ खुराक की पहली खेप दिसंबर और जनवरी में मिलने वाली है जबकि 10 मिलियन यानी एक करोड़ खुराक की दूसरी खेप फरवरी में आएगी।