लाइफस्टाइल और खानपान की गड़बड़ी ने कई तरह की बीमारियों के खतरे को काफी बढ़ा दिया है। लिवर की सेहत पर भी इसका नकारात्मक असर देखा जा रहा है। कम उम्र में ही लिवर की गंभीर बीमारियों के मामले बढ़ते जा रहा हैं।
सेहत की बात: त्वचा में खुजली और पेट में सूजन किस बीमारी का संकेत? कब हो जाएं अलर्ट
लिवर की बीमारी शुरुआत में अक्सर बिना साफ लक्षणों के बढ़ सकती है। बाद में थकान, भूख कम होना, वजन घटना, खुजली, पीलिया, गहरा पेशाब, पेट और पैरों में सूजन जैसे संकेत दिख सकते हैं। आंखें पीली होना, खून की उल्टी या काला मल दिखे तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेना जरूरी है।
लिवर की समस्याएं
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि लिवर की दिक्कतें बढ़ने पर शरीर में ज्यादा स्पष्ट संकेत दिखने लगते हैं। आंखों और त्वचा का पीला पड़ना, त्वचा में तेज खुजली, पेशाब का रंग गहरा होना, पेट या पैरों में सूजन जैसे बदलाव लिवर की गंभीर समस्या से जुड़े हो सकते हैं। कुछ लोगों में आसानी से भ्रम और ध्यान लगाने में परेशानी जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं।
सबसे जरूरी बात लिवर की बीमारी को केवल शराब पीने वालों की समस्या मानना सही नहीं है। आपका लाइफस्टाइल ठीक नहीं है तो भी लिवर को खतरा हो सकता है।
पीलिया की समस्या
लिवर की बीमारी के शुरुआती चरण में लगातार थकान, कमजोरी, भूख कम लगने, बिना कोशिश के वजन कम होने, जी मिचलाने और पेट में असहजता जैसे लक्षण हो सकते हैं। लेकिन ये लक्षण केवल लिवर की बीमारी में ही नहीं होते। अगर दिक्कत ज्यादा समय से बनी हुई है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
लिवर की बीमारियों में पीलिया होना आम है। इसमें त्वचा और आंखों का सफेद हिस्सा पीला पड़ सकता है। त्वचा में खुजली, पेशाब का रंग गहरा होना और मल का रंग सामान्य से हल्का होना भी समस्याों का संकेत हो सकता है। अगर आंखों या त्वचा में पीलापन बढ़ रहा है तो इसे अनदेखा न करें।
पेट और पैरों में सूजन
लिवर की बीमारी बढ़ने पर पेट में तरल जमा होने लगता है, इससे पेट फूल सकता है। पैरों, टखनों और पंजों में भी सूजन हो सकती है। गंभीर स्थिति में आसानी से ब्लीडिंग, भ्रम या ध्यान लगाने में परेशानी जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। अगर उल्टी में खून आता है या मल का रंग काला हो गया है तो ये गंभीर चेतावनी संकेत हैं जिसमें तुरंत डॉक्टरी सलाह की जरूरत होती है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।