देश में लगातार संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले तीन दिनों से रोजाना दो लाख से अधिक संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि बीते 24 घंटे में दो लाख 59 हजार नए मामलों की पुष्टि हुई है, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या एक करोड़ 53 लाख से अधिक हो गई है। वहीं अब तक एक लाख 80 हजार से अधिक लोग कोरोना संक्रमण से अपनी जान गंवा चुके हैं। हालांकि इस बीच राहत की बात ये है कि पूरे देश में अब तक 12 करोड़ 71 लाख से अधिक कोविड वैक्सीन भी लगाई जा चुकी है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब...
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विशेषज्ञ से जानें: हवा में फैले वायरस से कैसे बचें, क्या कोरोना होने के तुरंत बाद रेमडेसिविर लेना सही है?
Tue, 20 Apr 2021 07:13 PM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Tue, 20 Apr 2021 07:13 PM IST
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कोरोना वायरस
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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पीएम मोदी ने ऑनलाइन कंसल्टेशन का सुझाव दिया है, क्या कहेंगे इस पर?
- दिल्ली स्थित एम्स के डॉ. अनुराग श्रीवास्तव कहते हैं, 'ऑनलाइन कंसल्टेशन या टेली कंसल्टेशन से सबसे बड़ा फायदा यह है कि पहले तो हम ज्यादा मरीजों से जुड़ सकते हैं और दूसरा, दूर रहने से कोविड का जो खतरा बना हुआ है, उससे भी बचेंगे। इसके अलावा पीएम ने साथी डॉक्टरों से संपर्क करने को कहा है, उससे फायदा यह है कि छोटे शहरों में जो अस्पताल में डॉक्टर हैं, वो वर्तमान में जो भी इलाज की प्रक्रिया है, उसके बारे में जान सकेंगे और मरीज के इलाज में उन्हें फायदा होगा। वैसे इस समय टेलीमेडिसिन का चलन बढ़ा है।'
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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पीएम मोदी ने अस्पताल में भर्ती और आइसोलेशन वाले मरीज की काउंसलिंग पर जोर दिया है, क्या कहेंगे?
- डॉ. अनुराग श्रीवास्तव कहते हैं, 'हम स्वस्थ तभी माने जाते हैं जब शारीरिक के साथ-साथ मानसिक रूप से मजबूत हों। आज के समय में अक्सर मरीज कोरोना की वजह से आइसोलेशन वार्ड में रह कर मानसिक रूप से तनाव में आ जाते हैं। ऐसे में काउंसिलिंग के माध्यम से उसे दूर किया जा सकता है। काउंसिलिंग का भी अर्थ ये नहीं है कि कोई दवा दी जाती है, एक तरह से उन्हें भावनात्मक रूप से मजबूत करना है, क्योंकि कोई भी बीमारी इतनी बड़ी नहीं है, जिससे ठीक न हुआ जा सके। कोविड के ही मरीज बिना दवा के भी ठीक होकर घर जाते हैं और आईसीयू से भी ठीक होकर जाते हैं। इसलिए कहते हैं घबराने की जरूरत नहीं है, कोरोना को भी मात दे सकते हैं।'
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बहुत सारे लोग कोविड पॉजिटिव होने के बाद तुरंत रेमडेसिविर लेने लगते हैं, कितना सही है?
- डॉ. अनुराग श्रीवास्तव कहते हैं, 'आज एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि रेमडेसिविर केवल अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए है। उसमें भी जो आईसीयू में हैं और जिनका ऑक्सीजन कम हो रहा है या फेफड़े में कुछ दाग आए हैं, उनके लिए ये दवा है। अगर किसी को पॉजिटिव आने के तुरंत बाद ही दिया जाए या एसिम्प्टोमैटिक को दिया जाए तो कोई फायदा नहीं बल्कि उन्हें हानि भी हो सकती है। रेमडेसिविर कोरोना से बचाव नहीं है, सिर्फ गंभीर रूप से बीमार लोगों में से गंभीरता कम करता है। इस तरह उन्होंने स्टेरॉयड दवा के बारे में भी कहा है।'
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वायरस के एयरबॉर्न को लेकर भी चर्चा हो रही है, इससे कैसे बचें?
- डॉ. अनुराग श्रीवास्तव कहते हैं, 'अगर वायरस हवा में है तो कैसे पहुंचेगा, पहले ये समझना होगा। अगर कोई कोविड संक्रमित बिना मास्क के खांसता या छींकता है तो उसके जरिये वायरस बाहर आएगा। इस बीच अगर सामने वाला व्यक्ति दो गज की दूरी तक खड़ा होगा तो वायरस उस तक नहीं पहुंच पाएगा और मास्क लगाया है तो वह सुरक्षित है, क्योंकि शोध में पाया गया है कि दो गज से आगे तक वायरस न के बराबर जाता है, लेकिन अगर हवा चल रही है तो वायरस उससे ऊपर उठ जाता है और कुछ देर हवा में रह कर , फिर नीचे गिर जाता है। ऐसे में अगर कोई मास्क नहीं लगाकर है तो वायरस से संक्रमित हो सकता है। इसलिए कहा जाता है कि मास्क जरूर लगाएं और मुंह तक हाथ लगाने से पहले चाहे खाना हो या मास्क उतारना हो, हाथ जरूर सैनिटाइज करें।'