दुनियाभर में करोड़ों लोग अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, जिसमें से 16 लाख लोगों की मौत हो गई है जबकि बहुत सारे लोग इस बीमारी से ठीक भी हो चुके हैं। भारत में भी ऐसे लाखों लोग हैं, जो कोरोना से पूरी तरह ठीक हुए हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो कोरोना से ठीक होने के बाद भी बीमार पड़ रहे हैं। उनमें सांस लेने में परेशानी, चक्कर आना, थकान, हल्का बुखार, जोड़ों में दर्द और उदासी जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं। इसे ही पोस्ट कोविड लक्षण कहा जाता है। दिल्ली में कई 'पोस्ट कोविड क्लीनिक' बनाए गए हैं, जहां कोविड से ठीक होने के बाद भी परेशानी महसूस कर रहे मरीजों का इलाज होता है।
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Coronavirus: क्या होता है पोस्ट कोविड? कोरोना ठीक होने पर भी क्यों दिखते हैं लक्षण? जानिए सबकुछ
Thu, 17 Dec 2020 05:20 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Thu, 17 Dec 2020 05:20 PM IST
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अमित शाह (फाइल फोटो)
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गृह मंत्री अमित शाह में भी देखे गए थे पोस्ट कोविड लक्षण
- देश के गृह मंत्री अमित शाह भी कुछ महीने पहले कोरोना से संक्रमित हुए थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि कुछ दिनों में वो ठीक हो गए थे, लेकिन कोविड रिपोर्ट निगेटिव आने के तीन दिन बाद उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। उन्हें चक्कर आने और बदन दर्द की शिकायत थी। हालांकि अब तो वह पूरी तरह स्वस्थ हैं।
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जितना अधिक संक्रमण, उतने ज्यादा लक्षण
- विशेषज्ञ बताते हैं कि जिस मरीज में कोरोना का संक्रमण जितना अधिक होता है, उसमें ठीक होने के बाद भी उतने ही ज्यादा लक्षण देखने को मिलते हैं। हालांकि हल्के-फुल्के संक्रमण वाले लोगों में भी बाद में कमजोरी महसूस होने की समस्या देखी गई है। डॉक्टर बताते हैं कि ये जरूरी नहीं कि पोस्ट कोविड के लक्षण हर मरीज में सामने आएं, बहुत सारे मरीज पूरी तरह ठीक भी हो जाते हैं।
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जिंदगीभर रह सकती है फेफड़े संबंधी परेशानी
- कोरोना मरीजों में एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (एआरडीएस) यानी फेफड़े ठीक से काम न करने की समस्या भी सामने आ रही है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर के वैशाली स्थित मैक्स अस्पताल में पल्मनॉलॉजी के मुख्य कंसल्टेंट डॉ. शरद जोशी का कहना है कि कोविड-19 के जिन मरीजों में एआरडीएस देखा गया है, उनमें से एक फीसदी मरीजों में फेफड़ों संबंधी परेशानी जिंदगीभर रह सकती है, क्योंकि संक्रमण के कारण उनके फेफड़े कमजोर हो जाते हैं।
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कोरोना ठीक होने पर भी क्यों दिखते हैं लक्षण?
- बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. शरद जोशी बताते हैं कि वायरस से लड़ने के लिए शरीर में जो एंटीजन बने होते हैं, वो प्रतिरक्षा तंत्र में इस तरह के बदलाव कर देते हैं, जिससे प्रतिरक्षा तंत्र अति प्रतिक्रिया करने लगता है। इसी वजह से कोरोना ठीक होने के बाद भी उसके लक्षण (चक्कर आना, थकान, हल्का बुखार, जोड़ों में दर्द) बने रहते हैं।