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Cancer: कैंसर का शक है तो सबसे पहले क्या करें, कैसे होता है इसका इलाज? यहां जानिए सबकुछ विस्तार से

Wed, 05 Feb 2025 10:00 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Wed, 05 Feb 2025 10:00 AM IST
सार

हाल के वर्षों में देश में कैंसर के इलाज को आसान बनाने, इसके समय पर निदान के लिए कई शोध, तकनीकी विकास और बेहतरीन दवाइयां उपलब्ध हुई हैं। आइए जानते हैं कि अगर किसी को कैंसर हो जाए तो उसे क्या करना चाहिए?

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कैंसर का खतरा - फोटो : Adobe stock photos

कैंसर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जिसका जोखिम साल-दर-साल बढ़ता जा रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी इस रोग का शिकार हो रहे हैं। मेडिकल क्षेत्र में नवाचार ने पहले की तुलना में अब कैंसर के उपचार को जरूर आसान बना दिया है फिर भी देश में बड़ी आबादी के लिए ये बीमारी और इसका इलाज अब भी काफी कठिन बना हुआ है



मंगलवार (4 फरवरी) को संसद में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं की मदद से अब कैंसर का समय पर इलाज शुरू हो जा रहा है, बड़ी संख्या में मरीज इस योजना का लाभ लेकर कैंसर का इलाज करा रहे हैं। इसके अलावा लोगों में अब जागरूकता भी बढ़ी है जिसके चलते समय पर इस बीमारी का निदान भी हो पा रहा है, जोकि कैंसर के उपचार के लिए सबसे आवश्यक है।

हाल के वर्षों में देश में कैंसर के इलाज को आसान बनाने, इसके समय पर निदान के लिए कई शोध, तकनीकी विकास और बेहतरीन दवाइयां उपलब्ध हुई हैं। आइए जानते हैं कि अगर किसी को कैंसर हो जाए तो उसे क्या करना चाहिए?

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कैंसर का समय रहते पता लगाने को लेकर जीनोम डाटाबेस - फोटो : Freepik.com

कैंसर जीनोम डाटाबेस, सटीक इलाज करने में मिलेगी मदद 

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास ने सोमवार को देश में कैंसर की बीमारी पर शोध में मदद के लिए अपनी तरह का पहला कैंसर जीनोम डाटाबेस लॉन्च किया। आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि के अनुसार, कैंसर के अधिक मामले होने के बावजूद, वैश्विक कैंसर जीनोम अध्ययनों में भारत का प्रतिनिधित्व कम रहा है।

आईआईटी मद्रास ने 2020 में इस कैंसर जीनोम कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसके तहत, देशभर से 480 स्तन कैंसर मरीजों के ऊतक (टिशू) नमूनों का विश्लेषण किया गया और इनसे 960 संपूर्ण अनुक्रमण का काम पूरा किया गए। संस्थान ने इस डाटाबेस को शोधकर्ताओं और चिकित्सकों के लिए सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया है। यह कैंसर पर शोध की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

(ये भी पढ़िए- अब कैंसर से बचाव होगा बहुत आसान, 20 साल पहले ही बीमारी को रोक देगी ये वैक्सीन)

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कैंसर का समय पर निदान जरूरी - फोटो : Freepik.com

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

प्रोफेसर वीजिनाथन कामकोटि ने कहा, हमें उम्मीद है कि इस डाटा से कैंसर के कारणों को गहराई से समझने में मदद मिलेगी और शुरुआती स्तर पर रोकथाम के उपाय किए जा सकेंगे। भारत कैंसर जीनोम एटलस देश में विभिन्न प्रकार के कैंसर की जीनोम जानकारी को पूरा करने में सहायक होगी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कैंसर का मतलब जीवन का अंत नहीं है। सही समय पर सही इलाज, संतुलित आहार, सकारात्मक मानसिकता और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसे हराया जा सकता है। अगर आपको या आपके किसी प्रियजन को कैंसर हो जाता है, तो धैर्य रखें, उचित चिकित्सा लें और सकारात्मक सोच बनाए रखें। 

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कैंसर की जांच कैसे करें? - फोटो : Freepik.com

समय पर कैंसर का सही निदान कराएं

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यदि आपको कैंसर होने की आशंका है या डॉक्टर ने कोई संकेत दिए हैं, तो पहले इसकी पुष्टि कराना जरूरी है। इसमें कुछ टेस्ट मददगार हो सकते हैं। 

  • बायोप्सी: कैंसर कोशिकाओं की पुष्टि करने के लिए प्रभावित ऊतकों का सैंपल लेकर जांच की जाती है।
  • इमेजिंग टेस्ट: एमआरआई, सीटी स्कैन, पीईटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड का उपयोग कैंसर और इसके प्रसार का पता लगाने में मदद मिलती है।
  • ब्लड टेस्ट: कुछ प्रकार के कैंसर का पता लगान के लिए ट्यूमर मार्कर टेस्ट जैसे जांच की भी मदद ली जाती है।
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कैंसर की इलाज प्रक्रिया - फोटो : Adobe stock photos

कैंसर का क्या इलाज है?

अगर आपको या परिवार में किसी को कैंसर हो जाता है तो समय रहते इसका इलाज प्राप्त करें। 

  • सर्जरी: यदि कैंसर एक सीमित क्षेत्र में है और सर्जरी संभव है, तो इसे हटाने से बीमारी ठीक हो सकती है। स्तन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, फेफड़े और आंतों के कैंसर में यह आम उपचार है।
  • कीमोथेरेपी: यह दवाओं द्वारा कैंसर कोशिकाओं को मारने की प्रक्रिया है। इसका उपयोग अक्सर एडवांस स्टेज कैंसर में किया जाता है।
  • रेडियोथेरेपी: कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए रेडिएशन का उपयोग किया जाता है।
  • इम्यूनोथेरेपी: यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत कर कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में मदद करता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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