शरीर अलग-अलग तरह से होने वाली समस्याओं के संकेत देता है। इसके परिणामस्वरूप आपको दर्द, अकड़न तो कभी जलन की दिक्कत हो सकती है। शरीर के विभिन्न अंगों में होने वाली जलन, कई बार यह किसी बड़ी समस्या का संकेत भी हो सकती है। जैसे कि पैर के तलवों में जलन के पीछे त्वचा के संक्रमण से लेकर किडनी संबंधी बीमारी तक कई सारे कारण हो सकते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि जलन किस वजह से हो रही है, जिसके आधार पर इसका समय रहते उपचार किया जा सके।
सेहत की बात: क्या आपको भी रहती है पैरों में जलन की समस्या? जानिए इसके कारण और बचाव के तरीके
कई वजहों से हो सकती है पैरों में जलन
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, पैरों में जलन के पीछे कई कारण हो सकते हैं। आमतौर पर त्वचा संबंधी समस्याओं को इसका मुख्य कारण माना जाता है। इसके अलावा पैरों की ठीक तरह से देखभाल न करना, पैरों का नमी में ज्यादा रहना, हाइजीन का ध्यान न रखना आदि स्थितियां भी पैरों की त्वचा को तकलीफ में डाल सकती हैं। एथलीट्स फुट जैसे फंगल इंफेक्शन को भी इसका एक कारण माना जाता है।
डॉक्टरों के मुताबिक इन समस्याओं में लोगों को साफ-सफाई का ध्यान रखने, सूखे फुटवेयर पहनने औऱ कुछ प्रकार की दवाइयों की सलाह दी जाती है।
डायबिटीज रोगियों को पैरों में जलन की दिक्कत
डायबीटीज के मरीजों में नसों को नुकसान पहुंचने से पैरों में जलन की दिक्कत हो सकती है। ब्लड शुगर अधिक होने से नसों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए डायबिटीज को नियंत्रित रखना बहुत जरूरी है। डायबिटीज की वजह से किडनी को भी दिक्कत हो सकती है और यह भी पैरों में जलन का कारण बन सकती है। इसी तरह पेरिफेरल न्यूरोपैथी यानी उन नसों का क्षतिग्रस्त हो जाना जो आपकी रीढ़ की हड्डी को हाथों, पैरों, बाँहों आदि से जोड़ती हैं, यह भी जलन का कारण बन सकती है। इसके पीछे भी डायबिटीज एक वजह हो सकती है।
पैरों में जलन की समस्या के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ कीमोथैरेपी, ऑटोइम्यून डिजीज, किडनी फेलियर, जहरीले रसायनों के सम्पर्क में आने, पोषण संबंधी समस्या और संक्रमण को प्रमुख कारण मानते हैं।
पोषण का ख्याल रखना महत्वपूर्ण
शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए कई सारे पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। पोषक तत्वों का सही मात्रा में न मिल पाना भी जलन की समस्या का कारण बन सकता है। जैसे विटामिन बी 12 की कमी की वजह से पैरों में जलन का होना। विटामिन बी12 के अलावा अन्य प्रकार के विटामिन बी जैसे फॉलेट, थायमीन आदि की कमी भी इस जलन की तरफ ले जा सकती है। डेयरी उत्पाद, मछली, अंडे, मशरूम और फोर्टिफाइड अनाज इसके अच्छे स्रोत होते हैं। यदि आप इनमें से कुछ भी नहीं खाते तो डॉक्टर से सप्लीमेंट और उसकी मात्रा के सेवन के बारे में पूछें।
टार्सल टनल सिंड्रोम: यह भी नसों की क्षति से ही जुड़ी समस्या है। पैर की एड़ी वाले हिस्से में किसी चोट की वजह से आई सूजन, आर्थराइटिस, बोन स्पर (हड्डी बढ़ना) जैसी कई स्थितियां इस जगह की नस को नुकसान पहुंचा सकती हैं या दबाव बना सकती हैं। इसकी वजह से जलन हो सकती है।
हायपोथायरॉइडिज्म व अन्य कारण: थाइरॉइड का कम मात्रा में बनना भी पैरों में जलन का कारण हो सकता है। इस स्थिति में अन्य लक्षणों के अलावा यह जलन भी शामिल होती है। इसी तरह शरीर में एक असामान्य प्रकार के प्रोटीन का इक्क्ठा होना यानी एमिलायडोसिस भी पैरों में जलन की वजह हो सकता है। वहीं एरिथ्रोमाएल्जिया यानी खून की नलियों का सही तरीके से संकरा या चौड़ा न हो पाना भी इस जलन का कारण हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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